भीषण गर्मी के बीच रिम्स में मरीजों और उनके परिजनों को हो रही पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने खराब पड़े वाटर फिल्टर की मरम्मत शुरू कराई है। रिम्स प्रशासन ने खराब पड़े वाटर फिल्टरों की मरम्मत प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही पेयजल व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने का निर्णय लिया है। रिम्स प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए विभिन्न स्थानों पर वाटर फिल्टर लगाए गए हैं। हालांकि कई जगहों पर असामाजिक तत्वों द्वारा उपकरणों को नुकसान पहुंचाए जाने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है। स्थिति को देखते हुए अब अस्पताल परिसर में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा प्रहरियों की तैनाती मजबूत करने की तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। चिकित्सा अधीक्षक ने इस संबंध में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा नगर निगम के अधिकारियों से भी संपर्क किया है। लिफ्ट सुरक्षा को लेकर 6 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण रिम्स में मरीजों, डॉक्टरों और तीमारदारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिफ्ट संचालन से जुड़ा छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। 25 मई से 30 मई तक चलने वाले इस लिफ्ट इवेक्यूएशन ट्रेनिंग कार्यक्रम का उद्देश्य आपात स्थिति में लिफ्ट में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ऑपरेटरों को प्रशिक्षित करना है। यह प्रशिक्षण रिम्स अस्पताल प्रशासन की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है। इसमें जॉनसन, ओटिस, कोने और आरोही कंपनियों के तकनीकी विशेषज्ञ संयुक्त रूप से लिफ्ट ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। ऑपरेटरों को मैन्युअल रेस्क्यू ऑपरेशन और ब्रेक रिलीज करने की लाइव मॉक ड्रिल कराई जा रही है। प्रशिक्षण सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, ट्रॉमा सेंटर और मुख्य अस्पताल भवन समेत विभिन्न विंग्स में चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।


