किशनगंज में 24 लाख रुपए की बरामदगी के मामले में आयकर विभाग की जांच दूसरे दिन भी जारी रही। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी से आयकर विभाग की टीम ने घंटों पूछताछ की है। शुरुआती जांच में यह रकम पश्चिम बंगाल के एक व्यापारी की बताई जा रही है। टाउन थाना पुलिस ने बुधवार शाम गुप्त सूचना के आधार पर पश्चिम बंगाल के हरिश्चंद्रपुर निवासी गुलाम अहमद मुर्तजा को शहर के केलटैक्स चौक के पास से हिरासत में लिया था। तलाशी के दौरान उसके पास से 24 लाख रुपए नगद बरामद हुए थे। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही आयकर विभाग की टीम किशनगंज पहुंची और आरोपी से पूछताछ शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नगदी के स्रोत के संबंध में स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है। एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ाया हालांकि, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ अहम नाम और जानकारियां दी हैं। इन खुलासों के बाद जांच एजेंसियों ने अपने जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अब वे इस रकम के स्रोत, लेन-देन और संभावित नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि बरामद रकम किसी कारोबारी लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल आयकर विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। वहीं, पुलिस और अन्य एजेंसियां भी आरोपी के आपराधिक और आर्थिक संबंधों की जानकारी जुटाने में सक्रिय हैं। मामले को लेकर अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियों की सक्रियता से यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है।
किशनगंज में 24 लाख रुपए बरामद:आरोपी से दूसरे दिन भी पूछताछ जारी, पश्चिम बंगाल से जुड़े तार
किशनगंज में 24 लाख रुपए की बरामदगी के मामले में आयकर विभाग की जांच दूसरे दिन भी जारी रही। पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी से आयकर विभाग की टीम ने घंटों पूछताछ की है। शुरुआती जांच में यह रकम पश्चिम बंगाल के एक व्यापारी की बताई जा रही है। टाउन थाना पुलिस ने बुधवार शाम गुप्त सूचना के आधार पर पश्चिम बंगाल के हरिश्चंद्रपुर निवासी गुलाम अहमद मुर्तजा को शहर के केलटैक्स चौक के पास से हिरासत में लिया था। तलाशी के दौरान उसके पास से 24 लाख रुपए नगद बरामद हुए थे। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल आयकर विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही आयकर विभाग की टीम किशनगंज पहुंची और आरोपी से पूछताछ शुरू की। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नगदी के स्रोत के संबंध में स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है। एजेंसियों ने जांच का दायरा बढ़ाया हालांकि, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ अहम नाम और जानकारियां दी हैं। इन खुलासों के बाद जांच एजेंसियों ने अपने जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अब वे इस रकम के स्रोत, लेन-देन और संभावित नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि बरामद रकम किसी कारोबारी लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल आयकर विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है। वहीं, पुलिस और अन्य एजेंसियां भी आरोपी के आपराधिक और आर्थिक संबंधों की जानकारी जुटाने में सक्रिय हैं। मामले को लेकर अभी तक आधिकारिक रूप से विस्तृत खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियों की सक्रियता से यह मामला काफी गंभीर माना जा रहा है।


