औरंगाबाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार की पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री सह जिले की प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने की। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने प्रभारी मंत्री को पौधा और देव मंदिर का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। 36000 से अधिक लाभार्थियों को दिया गया योजना का लाभ स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 246 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 59 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3 रेफरल अस्पताल, एक जिला अस्पताल और एक अनुमंडलीय अस्पताल कार्यरत हैं। जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 36 हजार से अधिक लाभार्थियों को लाभ दिया गया है। जिला अस्पताल में 424 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने और आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। नए सत्र में 3.19 लाख से अधिक पाठ पुस्तकों का किया गया है वितरण शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन, पोशाक, साइकिल और छात्रवृत्ति योजनाओं की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्रों के खातों में भेजी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त 3.19 लाख से अधिक पाठ्य-पुस्तकों का विद्यालयों में शत-प्रतिशत वितरण किया जा चुका है। जिले के सभी 2,058 विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना का सफल संचालन हो रहा है। प्रभारी मंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्र उपस्थिति बढ़ाने पर विशेष बल दिया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 1.75 लाख से अधिक तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 67 हजार से अधिक लाभार्थियों को नियमित भुगतान की जानकारी दी गई। दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की ओर से 11,446 यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाने और जरूरतमंदों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। नगर विकास एवं आवास विभाग ने बताया कि अमृत योजना के तहत चयनित सभी वार्डों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अमृत 2.0 के अंतर्गत छह ओवरहेड टैंक बन चुके हैं और करीब 13 हजार घरों तक पाइपलाइन पहुंचाई जा चुकी है। 650 आवास का निर्माण पूरा हो चुका प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत 684 आवासों में से 650 का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा व्यक्तिगत और सामुदायिक टॉयलेट निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। ग्रामीण कार्य विभाग ने बताया कि जिले में 299 सड़क और पुल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें 41 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि 239 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। रा राजस्व मामलों के निष्पादन का निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज मामलों की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले के अधिकांश अंचलों में 96 से 99 प्रतिशत तक मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। कुटुंबा अंचल में 99.62 प्रतिशत और गोह अंचल में 99.41 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया है। प्रभारी मंत्री ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करें।आईसीडीएस की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 2,660 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। साथ ही विकास योजनाओं की गुणवत्ता, नियमित अनुश्रवण और विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल, वन प्रमंडल पदाधिकारी रुचि सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
औरंगाबाद में 3.19 लाख बच्चों को मिली किताब:मंत्री रमा निषाद ने CO को दाखिल-खारिज निपटाने का दिया आदेश, कहा- समस्या का समाधान हो
औरंगाबाद कलेक्ट्रेट परिसर स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार की पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री सह जिले की प्रभारी मंत्री रमा निषाद ने की। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने प्रभारी मंत्री को पौधा और देव मंदिर का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। 36000 से अधिक लाभार्थियों को दिया गया योजना का लाभ स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 246 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 59 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3 रेफरल अस्पताल, एक जिला अस्पताल और एक अनुमंडलीय अस्पताल कार्यरत हैं। जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 36 हजार से अधिक लाभार्थियों को लाभ दिया गया है। जिला अस्पताल में 424 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभारी मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने और आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। नए सत्र में 3.19 लाख से अधिक पाठ पुस्तकों का किया गया है वितरण शिक्षा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन, पोशाक, साइकिल और छात्रवृत्ति योजनाओं की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्रों के खातों में भेजी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राप्त 3.19 लाख से अधिक पाठ्य-पुस्तकों का विद्यालयों में शत-प्रतिशत वितरण किया जा चुका है। जिले के सभी 2,058 विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना का सफल संचालन हो रहा है। प्रभारी मंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और छात्र उपस्थिति बढ़ाने पर विशेष बल दिया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के 1.75 लाख से अधिक तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 67 हजार से अधिक लाभार्थियों को नियमित भुगतान की जानकारी दी गई। दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग की ओर से 11,446 यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाने और जरूरतमंदों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई। नगर विकास एवं आवास विभाग ने बताया कि अमृत योजना के तहत चयनित सभी वार्डों में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अमृत 2.0 के अंतर्गत छह ओवरहेड टैंक बन चुके हैं और करीब 13 हजार घरों तक पाइपलाइन पहुंचाई जा चुकी है। 650 आवास का निर्माण पूरा हो चुका प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत 684 आवासों में से 650 का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा व्यक्तिगत और सामुदायिक टॉयलेट निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। ग्रामीण कार्य विभाग ने बताया कि जिले में 299 सड़क और पुल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें 41 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि 239 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। रा राजस्व मामलों के निष्पादन का निर्देश राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान दाखिल-खारिज मामलों की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले के अधिकांश अंचलों में 96 से 99 प्रतिशत तक मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। कुटुंबा अंचल में 99.62 प्रतिशत और गोह अंचल में 99.41 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया है। प्रभारी मंत्री ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निष्पादन सुनिश्चित करें।आईसीडीएस की समीक्षा में बताया गया कि जिले के 2,660 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभारी मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। साथ ही विकास योजनाओं की गुणवत्ता, नियमित अनुश्रवण और विभागीय समन्वय को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।बैठक में पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल, वन प्रमंडल पदाधिकारी रुचि सिंह, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी और समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
