भास्कर न्यूज | दुमका झारखंड राज्य गठन के 26 साल बाद भी दुमका जिले के जामा प्रखंड की गायबथान पंचायत का जोगियाटीकर टोला बुनियादी सुविधाओं से दूर है। टोले के 17 परिवारों तक पक्की सड़क नहीं पहुंची। साफ पानी की सुविधा भी नहीं है। टोले की सबसे बड़ी परेशानी पेयजल है। ग्रामीणों के मुताबिक पूरे टोले में सिर्फ एक चापाकल चालू है। सुबह होते ही चापाकल पर बाल्टियों की कतार लग जाती है। इसी चापाकल के पास मवेशियों को भी पानी पिलाना पड़ता है। गांव में लाखों रुपए खर्च कर सोलर जलमीनार लगाई गई थी। मकसद घर के पास पानी देना था। विभागीय लापरवाही से यह जलमीनार पिछले दो साल से बंद पड़ी है। ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय मुखिया और पंचायत सेवक से शिकायत की। जोगियाटीकर टोला मुख्य पक्की सड़क दलदली से एक किलोमीटर दूर है। इसके बाद भी एप्रोच रोड नहीं बन सकी। टोले के भीतर पीसीसी ढलाई नहीं है। हल्की बारिश में रास्ता कीचड़ में बदल जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में गर्भवती महिला, बुजुर्ग, बच्चा बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस गांव तक नहीं आ पाती। मरीज को खाट पर लादकर एक किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार मरीज की जान पर बन आती है। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज पुरण पुजहर, विशु पुजहर, राजू पुजहर, मानेश्वर पुजहर, गोविंद पुजहर, जीतन पुजहर, सुरेंद्र पुजहर, सुरेश पुजहर, प्रमिला देवी, आभा देवी, नोमिता देवी, हीरा देवी, लखि देवी, मिनी देवी, आशा देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने रोष जताया। ग्रामीणों ने उपायुक्त दुमका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की कि जलमीनार तुरंत दुरुस्त कराई जाए। टोले को मुख्य सड़क से जोड़ा जाए।
जोगियाटीकर टोला में सड़क-पानी नहीं
भास्कर न्यूज | दुमका झारखंड राज्य गठन के 26 साल बाद भी दुमका जिले के जामा प्रखंड की गायबथान पंचायत का जोगियाटीकर टोला बुनियादी सुविधाओं से दूर है। टोले के 17 परिवारों तक पक्की सड़क नहीं पहुंची। साफ पानी की सुविधा भी नहीं है। टोले की सबसे बड़ी परेशानी पेयजल है। ग्रामीणों के मुताबिक पूरे टोले में सिर्फ एक चापाकल चालू है। सुबह होते ही चापाकल पर बाल्टियों की कतार लग जाती है। इसी चापाकल के पास मवेशियों को भी पानी पिलाना पड़ता है। गांव में लाखों रुपए खर्च कर सोलर जलमीनार लगाई गई थी। मकसद घर के पास पानी देना था। विभागीय लापरवाही से यह जलमीनार पिछले दो साल से बंद पड़ी है। ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय मुखिया और पंचायत सेवक से शिकायत की। जोगियाटीकर टोला मुख्य पक्की सड़क दलदली से एक किलोमीटर दूर है। इसके बाद भी एप्रोच रोड नहीं बन सकी। टोले के भीतर पीसीसी ढलाई नहीं है। हल्की बारिश में रास्ता कीचड़ में बदल जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में गर्भवती महिला, बुजुर्ग, बच्चा बीमार पड़ जाए तो एंबुलेंस गांव तक नहीं आ पाती। मरीज को खाट पर लादकर एक किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार मरीज की जान पर बन आती है। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज पुरण पुजहर, विशु पुजहर, राजू पुजहर, मानेश्वर पुजहर, गोविंद पुजहर, जीतन पुजहर, सुरेंद्र पुजहर, सुरेश पुजहर, प्रमिला देवी, आभा देवी, नोमिता देवी, हीरा देवी, लखि देवी, मिनी देवी, आशा देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने रोष जताया। ग्रामीणों ने उपायुक्त दुमका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मांग की कि जलमीनार तुरंत दुरुस्त कराई जाए। टोले को मुख्य सड़क से जोड़ा जाए।


