बेगूसराय में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश पर आज एक कार्यक्रम हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के एडीआर भवन में आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत की अध्यक्षता में विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया । दूसरी ओर एनसीसी कैडेट्स ने भी तंबाकू के खिलाफ अभियान चलाया। बेगूसराय न्यायमंडल के जज, वकील, न्यायालय कर्मी, एलएडीसी के सदस्य और अधिकार मित्र (पीएलभी) को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई। शपथ कार्यक्रम के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने इस पर चर्चा की। तंबाकू उत्पादों का सेवन नही करेंगे ऋषिकांत ने कहा कि आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर हम सभी यह शपथ लें कि किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों का सेवन नही करेंगे। हम सभी को अपने परिवार, परिजन अपने आसपास के लोगो को भी तंबाकू के सेवन नहीं करने की शपथ दिलानी होगी, उन्हें इसके लिए जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को न्यायालय परिसर को तंबाकू मुक्त रखने होगा। हमारे आसपास जो भी लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, उन लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक करना होगा। उन्हें बताना होगा कि किस प्रकार तंबाकू हमारे जीवन को प्रभावित करता है। तंबाकू के सेवन से मुंह का कैंसर भी होता है। आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाता तंबाकू कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने कहा कि हम सभी ने तंबाकू के सेवन नहीं करने की शपथ ली है। हम सबके लिए यह प्रेरणा का दिन है कि अपने आप और अपने समाज को तंबाकू से मुक्त करें। यह हमें मानसिक आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है। इसके सेवन से हमें कैंसर होने की संभावना प्रबल रहती है। यदि कैंसर हो गया तो पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। मौके पर न्यायाधीश संजय कुमार सिंह, पोक्सो न्यायालय के स्पेशल जज दिव्या, न्यायाधीश राम झा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कविता कुमारी सहित सभी जज एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित थे। जागरूकता और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन नेशनल कैडेट कोर के 35 बिहार बटालियन एनसीसी की ओर से आयोजित 10-दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC-V) के तीसरे दिन आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय भागलपुर के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर अरुण उनियाल के दिशा-निर्देशन में चल रहे इस शिविर में देश के जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कैडेट्स बड़ा कदम उठाया। जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के थीम आकर्षण को बेनकाब करना-निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला था। कैंप कमांडेंट कर्नल उमेश छेत्री ने शिविर में मौजूद सभी सैन्य प्रशिक्षकों, पीआई स्टाफ और भागलपुर ग्रुप की विभिन्न यूनिटों से आए करीब 500 कैडेट्स को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों से दूर रहने तथा समाज को इसके प्रति सचेत करने की सामूहिक शपथ दिलाई। कैंप कमांडेंट कर्नल उमेश छेत्री ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए सैन्य कौशल के साथ हेल्थ एंड हाइजीन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक बेहतरीन सैनिक या एनसीसी कैडेट वही है जो शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह सुदृढ़ हो। युवाओं के जीवन और उनकी ऊर्जा को खोखला करता तंबाकू तंबाकू युवाओं के जीवन और उनकी ऊर्जा को खोखला कर देता है। हमारा लक्ष्य केवल कैडेट्स को थल सैनिक शिविर के लिए तैयार करना या दिल्ली राजपथ तक पहुंचाना ही नहीं है। बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला ब्रांड एंबेसडर बनाना भी है। तंबाकू मुक्त जीवन ही एक स्वस्थ राष्ट्र का आधार है। तंबाकू निषेध दिवस के कार्यक्रमों के साथ-साथ शिविर में कैडेट्स का कड़ा सैन्य प्रशिक्षण भी निरंतर जारी है। पूर्व से चयनित 207 टीएससी कैडेट्स के साथ सभी प्रतिभागी को ऑब्सटेकल ट्रेनिंग (बाधा दौड़) के जरिए कैडेट्स के साहस को निखारा जा रहा है। हथियार संचालन, सटीक फायरिंग, मैप रीडिंग (मानचित्र अध्ययन), फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट और त्वरित टेंट पिचिंग (तंबू लगाना) का गहन अभ्यास कराया जा रहा है। हेल्थ एंड हाइजीन के नियमों के तहत ही कैडेट्स को नशे की प्रवृत्तियों से दूर रहने का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 10-दिवसीय अभ्यास आने वाले दिनों में और तीव्र होगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले और सामाजिक अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले होनहार कैडेट्स को शिविर के अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
बेगूसराय में जिला जज ने दिलाई तंबाकू के खिलाफ शपथ:कहा- खुद के साथ समाज को भी बनाएं मुक्त; एनसीसी कैडेट्स ने भी लिया संकल्प
बेगूसराय में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार दिल्ली और राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश पर आज एक कार्यक्रम हुआ। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के एडीआर भवन में आज प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत की अध्यक्षता में विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया । दूसरी ओर एनसीसी कैडेट्स ने भी तंबाकू के खिलाफ अभियान चलाया। बेगूसराय न्यायमंडल के जज, वकील, न्यायालय कर्मी, एलएडीसी के सदस्य और अधिकार मित्र (पीएलभी) को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलाई। शपथ कार्यक्रम के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत ने इस पर चर्चा की। तंबाकू उत्पादों का सेवन नही करेंगे ऋषिकांत ने कहा कि आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर हम सभी यह शपथ लें कि किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों का सेवन नही करेंगे। हम सभी को अपने परिवार, परिजन अपने आसपास के लोगो को भी तंबाकू के सेवन नहीं करने की शपथ दिलानी होगी, उन्हें इसके लिए जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को न्यायालय परिसर को तंबाकू मुक्त रखने होगा। हमारे आसपास जो भी लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं, उन लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक करना होगा। उन्हें बताना होगा कि किस प्रकार तंबाकू हमारे जीवन को प्रभावित करता है। तंबाकू के सेवन से मुंह का कैंसर भी होता है। आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाता तंबाकू कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अवर न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य ने कहा कि हम सभी ने तंबाकू के सेवन नहीं करने की शपथ ली है। हम सबके लिए यह प्रेरणा का दिन है कि अपने आप और अपने समाज को तंबाकू से मुक्त करें। यह हमें मानसिक आर्थिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाता है। इसके सेवन से हमें कैंसर होने की संभावना प्रबल रहती है। यदि कैंसर हो गया तो पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है। मौके पर न्यायाधीश संजय कुमार सिंह, पोक्सो न्यायालय के स्पेशल जज दिव्या, न्यायाधीश राम झा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कविता कुमारी सहित सभी जज एवं न्यायालय कर्मी उपस्थित थे। जागरूकता और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन नेशनल कैडेट कोर के 35 बिहार बटालियन एनसीसी की ओर से आयोजित 10-दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC-V) के तीसरे दिन आज विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता और शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय भागलपुर के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर अरुण उनियाल के दिशा-निर्देशन में चल रहे इस शिविर में देश के जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कैडेट्स बड़ा कदम उठाया। जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के थीम आकर्षण को बेनकाब करना-निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला था। कैंप कमांडेंट कर्नल उमेश छेत्री ने शिविर में मौजूद सभी सैन्य प्रशिक्षकों, पीआई स्टाफ और भागलपुर ग्रुप की विभिन्न यूनिटों से आए करीब 500 कैडेट्स को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों से दूर रहने तथा समाज को इसके प्रति सचेत करने की सामूहिक शपथ दिलाई। कैंप कमांडेंट कर्नल उमेश छेत्री ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए सैन्य कौशल के साथ हेल्थ एंड हाइजीन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एक बेहतरीन सैनिक या एनसीसी कैडेट वही है जो शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह सुदृढ़ हो। युवाओं के जीवन और उनकी ऊर्जा को खोखला करता तंबाकू तंबाकू युवाओं के जीवन और उनकी ऊर्जा को खोखला कर देता है। हमारा लक्ष्य केवल कैडेट्स को थल सैनिक शिविर के लिए तैयार करना या दिल्ली राजपथ तक पहुंचाना ही नहीं है। बल्कि उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाला ब्रांड एंबेसडर बनाना भी है। तंबाकू मुक्त जीवन ही एक स्वस्थ राष्ट्र का आधार है। तंबाकू निषेध दिवस के कार्यक्रमों के साथ-साथ शिविर में कैडेट्स का कड़ा सैन्य प्रशिक्षण भी निरंतर जारी है। पूर्व से चयनित 207 टीएससी कैडेट्स के साथ सभी प्रतिभागी को ऑब्सटेकल ट्रेनिंग (बाधा दौड़) के जरिए कैडेट्स के साहस को निखारा जा रहा है। हथियार संचालन, सटीक फायरिंग, मैप रीडिंग (मानचित्र अध्ययन), फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट और त्वरित टेंट पिचिंग (तंबू लगाना) का गहन अभ्यास कराया जा रहा है। हेल्थ एंड हाइजीन के नियमों के तहत ही कैडेट्स को नशे की प्रवृत्तियों से दूर रहने का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 10-दिवसीय अभ्यास आने वाले दिनों में और तीव्र होगा। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले और सामाजिक अभियानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले होनहार कैडेट्स को शिविर के अंतिम दिन आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।


