मुजफ्फरपुर में कुख्यात शूटर गोविंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के बीचो बीच अमर सिनेमार रोड स्थित छोटी कल्याणी इलाके में हुई। आईकन टॉवर स्थित अपार्टमेंट में पहले से घात लगाए अपराधियों ने गोविंद पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूर्व मेयर समीर कुमार और आशुतोष शाही हत्याकांड सहित कई मामलों में गोविंद शर्मा उर्फ गोविंद आरोपित था। FSL जांच में 8 गोली पाई गई है। शंभू-मंटू गैंग से 15 साल पहले जुड़ कर गोविंद ने खूब दहशत मचाई थी। शंभू-मंटू के अलग होने के बाद वह मंटू के साथ जुड़ गया और शहर में अपनी दहशत कायम की। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर करीब एक दर्जन राउंड फायरिंग हुई। गोविंद के सीने, पेट, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में कई गोलियां लगीं। हत्या में 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। दो अलग-अलग हथियारों से फायरिंग किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने मौके से पांच कारतूस और आधा दर्जन खोखा बरामद किया है। वारदात में एक से अधिक अपराधियों के शामिल होने की आशंका है। घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए पहले से घात लगाए थे बैठे थे शूटर गोविंद आइकॉन टावर के एक फ्लैट में किराए पर रहता था। रविवार की रात करीब 10 बजे वह पटना से कार से लौटा था। कार से उतरकर वह लीची लेकर उपर चढ़ रहा था। इसी दौरान दूसरी मंजिल पर पहले से घात लगाए दो बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने के बाद गोविंद भागकर सीढ़ी से नीचे उतरा और बचाव में कुर्सी उठाकर शूटरों की ओर फेंकी। लेकिन तब तक उसे आधा दर्जन से अधिक गोलियां लग चुकी थीं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। समीर हत्याकांड से आया था चर्चा में
23 सितंबर 2018 को एके-47 से पूर्व मेयर समीर कुमार की हत्या हुई थी। उनका ड्राइवर रोहित कुमार भी मारा गया था। चर्चित प्रॉपर्टी डीलर की हत्या में भी उसकी भूमिका सामने आई। 2024 में मुशहरी, द्वारिकानगर पावर सबस्टेशन के पास चेक गणराज्य की सी जेड-75 ऑटो मैटिक पिस्टल के साथ वह पकड़ा गया था। 10 लाख की पिस्टल भारत में प्रतिबंधित है। बाद में वह जमीन कारोबारी आशुतोष शाही हत्याकांड में भी मुख्य आरोपितों में शामिल हुआ। दोनों चर्चित मामलों के कारण वह पुलिस और अपराध जगत में चर्चित नाम बन गया था। कई राउंड हुई फायरिंग, 9 एमएम पिस्टल का इस्तेमाल पूरे मामले को लेकर जिले के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि, गोविंद शर्मा के खिलाफ विभिन्न थानों में छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या के बाद घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को पांच जिंदा कारतूस और छह खोखे बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने नाइन एमएम पिस्टल का इस्तेमाल किया। शूटर की हत्या के बाद गैंगवार की आशंका
शूटर गोविंद शर्मा की हत्या के बाद अपराध जगत में हलचल तेज हो गई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि बदले की भावना में गैंगवार की नई कड़ी शुरू हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अपराध जगत से जुड़े सूत्रों केअनुसार पिछले 15 वर्षों में गोविंद ने मुजफ्फरपुर से लेकर झारखंड तक अपना मजबूत नेटवर्क खड़ा कर लिया था। उसके संपर्क में बड़ी संख्या में युवा और अपराधी थे।

