लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के मतदान से पहले प्रचार का शोर थम चुका है। राजनीतिक दल वोटरों को लुभाने के लिए कई वादे कर चुके हैं। अब जनता की बारी है। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से…
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के मतदान से पहले प्रचार का शोर थम चुका है। राजनीतिक दल वोटरों को लुभाने के लिए कई वादे कर चुके हैं। अब जनता की बारी है। आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से चलाए जा रहे ‘आओ राजनीति करें, अब नारी की बारी’ संवादों के जरिए जनता ने अपनी मांगों को रखा। इन्हीं मांगों को समेट कर हमने जनता का घोषणा पत्र बनाया है। आप जब वोट करने जाएं तो इस घोषणा पत्र की कसौटी पर जरूर अपने उम्मीदवार को तौलें…।
युवा
रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए बंद उद्योगोंं को चालू करा नए उद्योग लगाए जाएं
शिक्षा में शोध और प्रयोग को बढ़ावा दिया जाए इसके लिए विशेष नीति तैयार हो
खेल में अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, ब्लॉक स्तर पर इंडोर स्टेडियम की व्यवस्था की जाए
डिग्री स्तर तक की शिक्षा नि:शुल्क की जाए इसे रोजगारपरक बनाया जाए
प्रतियोगिता परीक्षा के लिए प्रक्रिया आसान की जाए। आवेदन शुल्क नहीं लिया जाए
नौकरीपेशा
हर शहर में जाम की समस्या है, समय पर काम पर जाने के लिए यातायात की सुगम व्यवस्था हो
नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा का लाभ सरकार को सर्वाधिक कर देने वाले मध्यवर्ग को भी मिले
वेतन विसंगति को दूर कर कई लम्बित वेतन वृद्धि के मामलों का निपटारा किया जाए
पुरानी पेंशन का प्रावधान फिर से लागू हो, निजी कंपनियों के कर्मियों के लिए बेहतर नीति बने
प्रॉविडेंट फंड की प्रक्रिया सरल बने और ईपीएफ से सम्मानजनक पेंशन मिले ऐसा प्रावधान हो
ग्रामीण
सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ गांवों तक पहुंचाया जाए, कमीशनखोरी खत्म हो
गांव में भी पक्की सड़क, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था हो
गांव के आसपास आधुनिक बाजार की व्यवस्था हो ताकि खरीद-बिक्री आसानी से कर सकें
बिचौलियों के चंगुल से योजनाओं को मुक्त कराने की व्यवस्था करायी जानी चाहिए
गांव की योजनाओं से रोजगार सृजन कर गांव के लोगों को ही इससे जोड़ा जाए
व्यापारी
सभी करों की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए ताकि निश्चिंत होकर व्यापार कर सकें
जीएसटी के दायरे से छोटे व्यापारियों को बाहर किया जाए, प्रक्रिया आसान बनायी जाए
शहर को राष्ट्रीय उच्च पथ और राज्य की सड़कों से जोड़ना चाहिए ताकि ट्रांसपोर्टिंग बेहतर हो
लघु उद्योगों की स्थापना के लिए सिंगल विंडो सिस्टम से व्यापारियों को मदद पहुंचायी जाए
रेलवे और बस से सामान के आवागमन की सुगम और सस्ती व्यवस्था होनी चाहिए
छात्र
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए भी छात्रावासों की बेहतर व्यवस्था की जाए
स्कूलों को शिक्षा का केंद्र ही रहने दिया जाए अन्य कार्यक्रमों की वजह से पढ़ाई में बाधा न हो
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग हो
शैक्षणिक सत्र सही हो, कोर्स पूरा करने से लेकर प्रैक्टिकल की कक्षाएं दुरुस्त की जाएं
कॉलेजों और स्कूलों में पढ़ाई के घंटे तय हों और शिक्षकों की भी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
शहरी
शहर की नई विकसित कॉलोनियों का विकास एक तयशुदा प्लान के तहत होना चाहिए
शहर में पार्किंग की व्यवस्था दुरुस्त की जाए अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चले
नई कॉलोनियों में पार्क या खुली जगह की व्यवस्था अनिवार्य की जाए
पेयजल की समुचित व्यवस्था हो, जलजमाव दूर करने के लिए नालियों का निर्माण किया जाए
होल्डिंग टैक्स जिस दर से लगाए गए हैं उसी अनुपात में सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं
किसान
सिंचाई के लिए सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाए, सप्लाई का समय तय हो
कृषि उपकरण और बीज की व्यवस्था पंचायत स्तर पर सस्ती दर पर और समय से हो
कृषि लोन आसानी से मिले, इसे फसल बीमा से जोड़ कर माफी का प्रावधान जोड़ा जाए
उत्पादित अनाज और सब्जियों के लिए बाजार की व्यवस्था हो, यातायात सुगम किया जाए
वरिष्ठ नागरिक
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंकों में अलग काउंटर हो, अस्पतालों में अलग वार्ड बने
वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच का लाभ मिले और नि:शुल्क दवा भी उपलब्ध हो
बसों, रेल आदि में बुजुर्गों के साथ चलने वाले एक अटेंडेंट को रियायती दर की सुविधाएं मिले
बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा के लिए बनाए गए कानून को सख्ती से लागू किया जाए
दुकानदार
सुरक्षा के लिहाज से प्रमुख बाजार में पुलिस कैंप या थाने की व्यवस्था हो
छोटे दुकानदारों को आकस्मिक नुकसान के लिए मामूली दर पर बीमा का लाभ मिले
थोक बाजार से माल लाने के सस्ती दरों पर रेलवे ढुलाई की सुविधा दी जाए
बैंक से छोटे दुकानदारों को भी आसान तरीके और कम ब्याज पर लोन मिलना चाहिए
महिलाएं खुद तय करेंगी अपने वोट का भविष्य
‘आओ राजनीति करें, अब नारी की बारी’ संवादों में नारीशक्ति ने कहा कि वोट उनका है तो उन्हीं के मुद्दों पर वोटिंग भी होगी।
छात्राएं
छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के लिए प्रखंड स्तर पर व्यवस्था हो
जगह-जगह पुलिस बल की व्यवस्था हो, समस्या होने पर त्वरित कार्रवाई की जाएं
हर शहर में सरकार की तरफ से छात्राओं के लिए छात्रावास की व्यवस्था की जाए
छात्राओं की शिक्षा के लिए अलग योजना लायी जाए इसका शत-प्रतिशत लाभ दिलाने की व्यवस्था हो
छात्राओं के लिए प्रोजेक्ट और कस्तूरबा सरीखे बालिका शिक्षण संस्थान वाली योजना को मूर्तरूप दिया जाए
गृहिणी
महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाएं जाएं, घरेलू बजट का ध्यान रख नीति बने
गृहिणियों को रोजगार के लिए सरकार की ओर से कुशल प्रशिक्षण की व्यवस्था हो
महिला सुरक्षा कानून को सख्त की जाए ताकि यौन प्रताड़ना आदि जैसे मामलों पर रोक लग सके
घर से बाहर तक नारी सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है सुरक्षा मिले तो नारी किसी पर भी भारी पड़ेगी
कोई ऐसा प्लेटफॉर्म बने जहां महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकें और सही तरीके से निदान हो
शिक्षिका
शिक्षिकाओं को गैर-शैक्षणिक कार्यों से कभी न जोड़ा जाए, उनकी मॉनीटरिंग महिला पदाधिकारी ही करें
शिक्षिकाओं के मातृत्व अवकाश की अवधि को बढ़ायी जाए, साथ ही अन्य सुविधाएं भी मिलें
स्कूलों और कॉलेजों में महिला शिक्षिकाओं के लिए अलग कमरे और शौचालय की व्यवस्था की जाए
आवश्यकतानुसार उन्हें डिप्टेशन और स्वैच्छिक स्थानांतरण का लाभ दिया जाए
समान काम के बदले समान वेतन देने और संविदा की व्यवस्था समाप्त कर स्थायी बहाली की नीति बने
नौकरीपेशा महिलाएं
नौकरीपेशा महिलाएं कार्यस्थल पर सुरक्षित रहे इसके लिए कानून सख्ती से लागू किया जाए
वर्क प्लेस पर महिलाओं के प्रति सोच बदलनी होगी उन्हें सम्मान की नजरों के साथ देखा जाना चाहिए
स्किल डेवलपमेंट में कुछ नया होना चाहिए, महिलाओं के पूर्ण उत्थान के लिए नयी नीति बनानी चाहिए
सरकार को चाहिए की असमानता को घटाते हुए महिलाओं के लिए संसाधन तैयार किया जाए
सभी थानों में महिला पुलिस अफसर की पोस्टिंग हो ताकि महिलाएं आसानी से थाने में बात रख सकें
बिजनेस वुमन
संवेदनशील और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सीसीटीवी लगे, ताकि लोग सुरक्षित मार्केटिंग कर सकें
सरकार की ओर से महिला व्यापारियों को अनुदान व सब्सिडी मिले, विशेष सुरक्षा की व्यवस्था हो
महिलाओं को अवसर प्रदान करने की जरूरत है शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता है
कामकाज वाली जगहों पर सुरक्षा की गारंटी हो, ताकि निडर होकर अपना कार्य कर सकें
गांवों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर लघु और कुटिर उद्योगों से जोड़ने की आवश्यकता है


