भास्कर न्यूज |धालभूमगढ़ चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र में एनएच 18 सड़क जाथा से कोकपाड़ा रेलवे स्टेशन और धालभूमगढ़-चाकुलिया सड़क को मुटुरखाम में जोड़ने वाली संपर्क सड़क इन दिनों ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश और असमंजस का केंद्र बनी हुई है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में ठेकेदार द्वारा बरती गई घोर लापरवाही या जानबूझकर की गई हेराफेरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कालियाम चौक के समीप गाड़े गए दूरी संकेतक (मील के पत्थर) पर ठेकेदार ने लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए कालियाम में ही “धादिका गांव जीरो किलोमीटर लिखकर छोड़ दिया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि धादिका गांव कालियाम गांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है। ठेकेदार द्वारा सड़क के किनारे गाड़े गए इस गलत दूरी संकेतक पत्थर के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर और बाहरी लोग अक्सर भ्रमित हो रहे हैं और रास्ता भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय जनता में ठेकेदार के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क लगभग तीन-चार साल पहले मरम्मत की गई थी, लेकिन निर्माण के समय से लेकर आज तक सड़क के किनारे किसी भी प्रकार का सरकारी योजना बोर्ड (सूचना पट्ट) नहीं लगाया गया है। स्थापित किए गए पिलर/पत्थर पर एक तरफ स्पष्ट अक्षरों में धादिका 0 किमी अंकित है। जबकि दूसरी तरफ तकनीकी कोड: एल102- एल 04 1.785 किमी लिखा हुआ है। सड़क के किनारे किसी भी तरह का योजना बोर्ड न होने के कारण क्षेत्र की जनता पूरी तरह इस बात से अनभिज्ञ है कि यह सड़क किस सरकारी योजना के तहत बनी है, इसके निर्माण की कुल स्वीकृति राशि क्या थी, और इसकी गारंटी (मेंटेनेंस) अवधि क्या है। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं होने से पूरी व्यवस्था संदेह के घेरे में है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि सड़क निर्माण कार्य की कुल लंबाई और गुणवत्ता में बड़े पैमाने पर की गई वित्तीय व तकनीकी गड़बड़ी को छुपाने के उद्देश्य से ही सोची-समझी साजिश के तहत 3 किलोमीटर पहले ही धादिका गांव को शून्य किलोमीटर दर्शा दिया गया है। कागजी कोरम पूरा करने और वास्तविक लंबाई को कागजों पर हेरफेर करने के लिए ठेकेदार ने इस प्रकार का हथकंडा अपनाया है।
कोकपाड़ा रेलवे स्टेशन व धालभूमगढ़-चाकुलिया मार्ग को जोड़ने वाली सड़क पर योजना बोर्ड नहीं लगा
भास्कर न्यूज |धालभूमगढ़ चाकुलिया प्रखंड क्षेत्र में एनएच 18 सड़क जाथा से कोकपाड़ा रेलवे स्टेशन और धालभूमगढ़-चाकुलिया सड़क को मुटुरखाम में जोड़ने वाली संपर्क सड़क इन दिनों ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश और असमंजस का केंद्र बनी हुई है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य में ठेकेदार द्वारा बरती गई घोर लापरवाही या जानबूझकर की गई हेराफेरी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। कालियाम चौक के समीप गाड़े गए दूरी संकेतक (मील के पत्थर) पर ठेकेदार ने लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए कालियाम में ही “धादिका गांव जीरो किलोमीटर लिखकर छोड़ दिया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि धादिका गांव कालियाम गांव से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित है। ठेकेदार द्वारा सड़क के किनारे गाड़े गए इस गलत दूरी संकेतक पत्थर के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर और बाहरी लोग अक्सर भ्रमित हो रहे हैं और रास्ता भटकने को मजबूर हैं। स्थानीय जनता में ठेकेदार के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क लगभग तीन-चार साल पहले मरम्मत की गई थी, लेकिन निर्माण के समय से लेकर आज तक सड़क के किनारे किसी भी प्रकार का सरकारी योजना बोर्ड (सूचना पट्ट) नहीं लगाया गया है। स्थापित किए गए पिलर/पत्थर पर एक तरफ स्पष्ट अक्षरों में धादिका 0 किमी अंकित है। जबकि दूसरी तरफ तकनीकी कोड: एल102- एल 04 1.785 किमी लिखा हुआ है। सड़क के किनारे किसी भी तरह का योजना बोर्ड न होने के कारण क्षेत्र की जनता पूरी तरह इस बात से अनभिज्ञ है कि यह सड़क किस सरकारी योजना के तहत बनी है, इसके निर्माण की कुल स्वीकृति राशि क्या थी, और इसकी गारंटी (मेंटेनेंस) अवधि क्या है। योजना से जुड़ी किसी भी प्रकार की पारदर्शिता नहीं होने से पूरी व्यवस्था संदेह के घेरे में है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि सड़क निर्माण कार्य की कुल लंबाई और गुणवत्ता में बड़े पैमाने पर की गई वित्तीय व तकनीकी गड़बड़ी को छुपाने के उद्देश्य से ही सोची-समझी साजिश के तहत 3 किलोमीटर पहले ही धादिका गांव को शून्य किलोमीटर दर्शा दिया गया है। कागजी कोरम पूरा करने और वास्तविक लंबाई को कागजों पर हेरफेर करने के लिए ठेकेदार ने इस प्रकार का हथकंडा अपनाया है।

