सहरसा में मानसून से पहले जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने गुरुवार शाम शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अतिक्रमण हटाकर जल निकासी मार्ग बनाने और नए नाले के निर्माण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के जगदंबा पेट्रोल पंप के पास स्थित नहर, जो तिलावे नदी तक लगभग चार किलोमीटर लंबी है और जल निकासी का प्रमुख माध्यम थी, उसके करीब 500 मीटर हिस्से पर अतिक्रमण हो गया है। इस अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित हो गई है, जिससे शहर में जलजमाव की समस्या बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने कहरा अंचलाधिकारी को नहर की नापी कराने का निर्देश दिया है। नापी पूरी होने के बाद नहर पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि जल निकासी व्यवस्था को फिर से सुचारु किया जा सके। इसके अतिरिक्त, पॉलिटेक्निक ढाला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। डीएम ने बताया कि यहां स्थित पंप हाउस से पानी की निकासी सिमराहा ढाला तक तो हो जाती है, लेकिन उसके आगे जल निकासी का कोई उचित प्रबंध नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर आयुक्त को तत्काल कच्चे नाले का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है। लगभग एक किलोमीटर लंबा यह नाला बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले शहर को जलजमाव की समस्या से अधिकतम राहत दिलाना है। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र के तीन वार्डों में अलग-अलग मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। संबंधित मजिस्ट्रेट, जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक व्हाट्सएप समूह के माध्यम से जुड़े रहेंगे, ताकि जलजमाव की सूचना मिलने पर दो से तीन घंटे के भीतर समस्या का समाधान किया जा सके। निरीक्षण के दौरान मेयर बैन प्रिया, डिप्टी मेयर गुड्डू हयात, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, डीसीएलआर गौरव कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।
DM बोले-अतिक्रमण हटाकर जल निकासी के लिए नाला बनाएं:सहरसा में करवाई नापी, निकासी मार्ग बनाने के दिए निर्देश
सहरसा में मानसून से पहले जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने गुरुवार शाम शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अतिक्रमण हटाकर जल निकासी मार्ग बनाने और नए नाले के निर्माण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के जगदंबा पेट्रोल पंप के पास स्थित नहर, जो तिलावे नदी तक लगभग चार किलोमीटर लंबी है और जल निकासी का प्रमुख माध्यम थी, उसके करीब 500 मीटर हिस्से पर अतिक्रमण हो गया है। इस अतिक्रमण के कारण जल निकासी बाधित हो गई है, जिससे शहर में जलजमाव की समस्या बढ़ रही है। जिलाधिकारी ने कहरा अंचलाधिकारी को नहर की नापी कराने का निर्देश दिया है। नापी पूरी होने के बाद नहर पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि जल निकासी व्यवस्था को फिर से सुचारु किया जा सके। इसके अतिरिक्त, पॉलिटेक्निक ढाला क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। डीएम ने बताया कि यहां स्थित पंप हाउस से पानी की निकासी सिमराहा ढाला तक तो हो जाती है, लेकिन उसके आगे जल निकासी का कोई उचित प्रबंध नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर आयुक्त को तत्काल कच्चे नाले का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है। लगभग एक किलोमीटर लंबा यह नाला बनाकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य मानसून शुरू होने से पहले शहर को जलजमाव की समस्या से अधिकतम राहत दिलाना है। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र के तीन वार्डों में अलग-अलग मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। संबंधित मजिस्ट्रेट, जनप्रतिनिधि और अधिकारी एक व्हाट्सएप समूह के माध्यम से जुड़े रहेंगे, ताकि जलजमाव की सूचना मिलने पर दो से तीन घंटे के भीतर समस्या का समाधान किया जा सके। निरीक्षण के दौरान मेयर बैन प्रिया, डिप्टी मेयर गुड्डू हयात, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा, डीसीएलआर गौरव कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।


