भास्कर न्यूज | गढ़वा जिले के बंशीधर नगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को स्थापना के लगभग दो दशक बाद भी अपना पूर्ण रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित भवन नहीं मिल पाया है। वर्ष 2006 से संचालित यह विद्यालय आज भी अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रहा है। वर्तमान में विद्यालय का संचालन बीआरसी भवन और समीप के एक विद्यालय के 14 कमरों में किया जा रहा है, जिससे छात्राओं को आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाओं के मामले में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2021 में नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बंशीधर नगर प्रखंड के महदेइया गांव में करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची की ओर से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है, लेकिन भवन परिसर में चहारदीवारी का निर्माण नहीं होने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। आवासीय विद्यालय होने के कारण यहां छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना चहारदीवारी के नए भवन में विद्यालय को स्थानांतरित करना शिक्षा विभाग उचित नहीं मान रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जब तक परिसर पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक विद्यालय को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जाएगा। चहारदीवारी नहीं है इस लिए नए भवन में शिफ्ट नहीं हुआ ^छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए बिना चहारदीवारी के नए भवन में विद्यालय को शिफ्ट नहीं किया जा सकता। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची को पत्र भेजा गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में बीआरसी भवन में संचालित विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।^ कैसर रजा , जिला शिक्षा पदाधिकारी। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा छह से बारहवीं तक कुल 242 छात्राएं नामांकित हैं। इनमें छठी कक्षा में 30, सातवीं में 40, आठवीं में 30, नौवीं में 50, दसवीं में 41, ग्यारहवीं में 21 तथा बारहवीं कक्षा में 30 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सीमित संसाधनों और स्थान की कमी के कारण छात्राओं को रहने, पढ़ने और सोने तक में परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार एक ही परिसर में अधिक छात्राओं के रहने से सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ता है। विदित हो कि जिले में संचालित 14 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में से 13 विद्यालयों का अपना भवन है, जबकि बंशीधर नगर का विद्यालय अभी भी अपने स्थायी और सुरक्षित परिसर की प्रतीक्षा कर रहा है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत ग्रामीण एवं वंचित वर्ग की बालिकाओं को कक्षा छह से बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
चहारदीवारी नहीं बनने से नए भवन में शिफ्ट नहीं हो रहा कस्तूरबा विद्यालय
भास्कर न्यूज | गढ़वा जिले के बंशीधर नगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय को स्थापना के लगभग दो दशक बाद भी अपना पूर्ण रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित भवन नहीं मिल पाया है। वर्ष 2006 से संचालित यह विद्यालय आज भी अस्थायी व्यवस्था के सहारे चल रहा है। वर्तमान में विद्यालय का संचालन बीआरसी भवन और समीप के एक विद्यालय के 14 कमरों में किया जा रहा है, जिससे छात्राओं को आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाओं के मामले में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2021 में नए भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बंशीधर नगर प्रखंड के महदेइया गांव में करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से विद्यालय भवन का निर्माण झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची की ओर से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है, लेकिन भवन परिसर में चहारदीवारी का निर्माण नहीं होने से छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। आवासीय विद्यालय होने के कारण यहां छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिना चहारदीवारी के नए भवन में विद्यालय को स्थानांतरित करना शिक्षा विभाग उचित नहीं मान रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जब तक परिसर पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक विद्यालय को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जाएगा। चहारदीवारी नहीं है इस लिए नए भवन में शिफ्ट नहीं हुआ ^छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए बिना चहारदीवारी के नए भवन में विद्यालय को शिफ्ट नहीं किया जा सकता। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची को पत्र भेजा गया है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में बीआरसी भवन में संचालित विद्यालय में छात्राओं और शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।^ कैसर रजा , जिला शिक्षा पदाधिकारी। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा छह से बारहवीं तक कुल 242 छात्राएं नामांकित हैं। इनमें छठी कक्षा में 30, सातवीं में 40, आठवीं में 30, नौवीं में 50, दसवीं में 41, ग्यारहवीं में 21 तथा बारहवीं कक्षा में 30 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सीमित संसाधनों और स्थान की कमी के कारण छात्राओं को रहने, पढ़ने और सोने तक में परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार एक ही परिसर में अधिक छात्राओं के रहने से सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ता है। विदित हो कि जिले में संचालित 14 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में से 13 विद्यालयों का अपना भवन है, जबकि बंशीधर नगर का विद्यालय अभी भी अपने स्थायी और सुरक्षित परिसर की प्रतीक्षा कर रहा है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत ग्रामीण एवं वंचित वर्ग की बालिकाओं को कक्षा छह से बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।


