सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को देशव्यापी मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप का आयोजन किया। इसी कड़ी में मधुबनी जिला उद्योग केंद्र के सभागार में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र दिए गए और कई लाभार्थियों को ऋण राशि वितरित की गई। अग्रणी जिला प्रबंधक गजेंद्र मोहन झा ने बताया कि मधुबनी जिले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सभी 20 शाखाओं के माध्यम से 200 से अधिक लाभार्थियों को कुल 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि स्वीकृत और वितरित की गई है। पीएमएफएमई जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल इन ऋण योजनाओं में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), गव्य विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, फूड प्रोसेसिंग और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा उनकी आय बढ़ाना है। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी कैंप में मौजूद अधिकारियों ने लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने समय पर ऋण भुगतान करने और योजनाओं का बेहतर उपयोग करने की अपील की। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बैंकिंग सहायता से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जीविका के जिला परियोजना अधिकारी, आरसेटी के निदेशक सहित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न शाखा प्रमुख और कृषि वित्त पदाधिकारी (एएफओ) उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन लाभार्थियों को शुभकामनाएं और मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ हुआ।
मेगा कृषि लोन कैंप में 10 करोड़ मंजूर:सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने मधुबनी में बांटे ऋण
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को देशव्यापी मेगा कृषि ऋण आउटरीच कैंप का आयोजन किया। इसी कड़ी में मधुबनी जिला उद्योग केंद्र के सभागार में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र दिए गए और कई लाभार्थियों को ऋण राशि वितरित की गई। अग्रणी जिला प्रबंधक गजेंद्र मोहन झा ने बताया कि मधुबनी जिले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की सभी 20 शाखाओं के माध्यम से 200 से अधिक लाभार्थियों को कुल 10 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि स्वीकृत और वितरित की गई है। पीएमएफएमई जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल इन ऋण योजनाओं में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), गव्य विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन, फूड प्रोसेसिंग और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा उनकी आय बढ़ाना है। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी कैंप में मौजूद अधिकारियों ने लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने समय पर ऋण भुगतान करने और योजनाओं का बेहतर उपयोग करने की अपील की। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बैंकिंग सहायता से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जीविका के जिला परियोजना अधिकारी, आरसेटी के निदेशक सहित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के विभिन्न शाखा प्रमुख और कृषि वित्त पदाधिकारी (एएफओ) उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन लाभार्थियों को शुभकामनाएं और मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ हुआ।
