भोजपुर के छोटकी सासाराम गांव में अतिक्रमण हटाने के बाद भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री भगवान सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। घायल के बयान पर हरभजन बिंद, हरिओम बिंद, बलिराम बिंद, हरिकिशुन बिंद समेत 12 नामजद और 12 से 15 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। घटना गजराजगंज ओपी क्षेत्र की है। भगवान सिंह फिलहाल आरा सदर अस्पताल में भर्ती हैं। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी है और एक दांत भी टूट गया है। पुलिस के अनुसार यह पूरा विवाद गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद शुरू हुआ। गजराजगंज ओपी प्रभारी ने बताया कि घायल पक्ष की शिकायत पर प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। शुक्रवार को अतिक्रमण हटाए जाने के बाद कुछ लोग इससे नाराज हो गए। समूह बनाकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। अतिक्रमणकारियों ने घेरकर मारा घायल के पुत्र विवेक कुमार सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर गांव में अतिक्रमण हटाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान सीओ और दो थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। दोपहर में अतिक्रमण हटाने का कार्य पूरा होने के बाद सभी अधिकारी लौट गए। इसके कुछ देर बाद अतिक्रमण करने वालों में शामिल 10 से 12 लोग पहुंचे और उनके पिता को घेरकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीट दिया। हमले में वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
बिहार सरकार के मंत्री ने सख्त कार्रवाई की बात कही इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद आरा विधायक सह बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह टाइगर सदर अस्पताल पहुंचे। घायल भाजपा नेता से मुलाकात कर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानून के तहत उन्हें दंड दिलाया जाएगा।

