शिबू सोरेन की सीट पर प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शाम को अपने आवास पर पार्टी मंत्रियों एवं विधायकों की बैठक की। बैठक में नामांकन पत्र के विभिन्न सेटों पर विधायकों से हस्ताक्षर कराए गए। बैजनाथ राम कम से कम दो सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इसलिए एक सेट पर 10 विधायकों और दूसरे सेट पर अन्य 10 विधायकों का हस्ताक्षर करा कर उन्हें प्रस्तावक बनाया गया। आठ जून को नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित रहेंगे। बैठक में पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने और दूसरे सीट के लिए रणनीतियों पर विचार किया गया। बैठक में प्रत्याशी बैजनाथ राम के अलावा स्टीफन मरांडी, मथुरा महतो, योगेंद्र प्रसाद, दीपक बिरुआ, आलोक सोरेन, सुदिव्य कुमार सोनू, हफीजुल हसन, बसंत सोरेन, सुदीव गुड़िया, धनंजय सोरेन सहित कई विधायक शामिल हुए। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। झामुमो ने बैजनाथ राम को ही क्यों चुना, के जवाब में सुप्रियो ने कहा कि चंपाई सोरेन सरकार में मंत्री बनने की सूची में बैजनाथ राम का भी नाम था। यह सूची राजभवन पहुंच गई थी। लेकिन शपथ से पहले उन्हें रोक दिया गया। पार्टी पर दलितों की उपेक्षा का आरोप लगा। बाद में उनसे वादा किया गया था कि उन्हें उपयुक्त जगह दी जाएगी। और इसीलिए उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाया गया।
हेमंत ने बैजनाथ के नामांकन के लिए दो सेट में 10-10 विधायकों का कराया हस्ताक्षर, दूसरी सीट पर हुई चर्चा
शिबू सोरेन की सीट पर प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शाम को अपने आवास पर पार्टी मंत्रियों एवं विधायकों की बैठक की। बैठक में नामांकन पत्र के विभिन्न सेटों पर विधायकों से हस्ताक्षर कराए गए। बैजनाथ राम कम से कम दो सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इसलिए एक सेट पर 10 विधायकों और दूसरे सेट पर अन्य 10 विधायकों का हस्ताक्षर करा कर उन्हें प्रस्तावक बनाया गया। आठ जून को नामांकन दाखिल करते समय उनके साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित रहेंगे। बैठक में पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने और दूसरे सीट के लिए रणनीतियों पर विचार किया गया। बैठक में प्रत्याशी बैजनाथ राम के अलावा स्टीफन मरांडी, मथुरा महतो, योगेंद्र प्रसाद, दीपक बिरुआ, आलोक सोरेन, सुदिव्य कुमार सोनू, हफीजुल हसन, बसंत सोरेन, सुदीव गुड़िया, धनंजय सोरेन सहित कई विधायक शामिल हुए। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि झामुमो के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है। झामुमो ने बैजनाथ राम को ही क्यों चुना, के जवाब में सुप्रियो ने कहा कि चंपाई सोरेन सरकार में मंत्री बनने की सूची में बैजनाथ राम का भी नाम था। यह सूची राजभवन पहुंच गई थी। लेकिन शपथ से पहले उन्हें रोक दिया गया। पार्टी पर दलितों की उपेक्षा का आरोप लगा। बाद में उनसे वादा किया गया था कि उन्हें उपयुक्त जगह दी जाएगी। और इसीलिए उन्हें राज्यसभा प्रत्याशी बनाया गया।
