भास्कर न्यूज| सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले में मानसून के आगमन की आहट के साथ किसानों की उम्मीदें भी बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार अगले एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर जिले में मानसून पहुंचने की संभावना है। इसके मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों की तैयारियां तेज हो गई हैं। किसान खेतों की जुताई, मेड़बंदी और अन्य आवश्यक कार्यों को तेजी से पूरा करने में जुटे हैं, ताकि अच्छी बारिश के साथ खरीफ खेती की शुरुआत की जा सके। जिले में कृषि मुख्य रूप से वर्षा पर आधारित है। ऐसे में मानसून की पहली बारिश किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। बारिश शुरू होते ही धान की नर्सरी तैयार करने और रोपाई से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। कृषि विभाग ने भी खरीफ मौसम को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसानों को समय पर धान बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही विभिन्न प्रखंडों में बीज वितरण का कार्य शुरू होगा। सरायकेला-खरसावां जिले के किसानों को आगामी एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर बीज विनिमय योजना के तहत 400 क्विंटल धान बीज उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि विभाग ने खरीफ मौसम को देखते हुए इसकी तैयारी पूरी कर ली है। योजना के तहत किसानों को धान बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर दिया जाएगा। जिले के कृषि परिदृश्य पर नजर डालें तो यहां 1,148 गांवों में कुल 76,388 किसान खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। जिले में कुल 1,46,046 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। इनमें 63 प्रतिशत क्षेत्र अपलैंड, 24 प्रतिशत मीडियम लैंड तथा 12 प्रतिशत लोलैंड श्रेणी में आता है। वहीं जिले में कुल 5,729 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित है, जबकि अधिकांश खेती अब भी मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून की पहली फुहार का इंतजार कर रहे हैं, जो जिले में खेती की नई उम्मीद लेकर आएगी। जिला कृषि पदाधिकारी रोशन नीलकमल ने बताया कि प्रथम चरण में किसानों के बीच 400 क्विंटल धान बीज का वितरण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बीज का वितरण लैंपस के माध्यम से किया जाएगा, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि इस चरण में एमटीयू-1010, तथा एमटीयू-7029 जैसी उन्नत किस्मों के धान बीज किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। ये किस्में बेहतर उत्पादन क्षमता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मानी जाती हैं। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि बीज विनिमय योजना के बाद फसल विस्तार योजना के तहत भी किसानों को धान बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत किसानों को 100 प्रतिशत अनुदान पर बीज प्रदान किए जाएंगे। विभाग का प्रयास है कि मानसून के आगमन से पहले किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध हो सके।
एक सप्ताह में किसानों को 50% अनुदान पर 400 क्विंटल धान का दिया जाएगा बीज
भास्कर न्यूज| सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले में मानसून के आगमन की आहट के साथ किसानों की उम्मीदें भी बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार अगले एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर जिले में मानसून पहुंचने की संभावना है। इसके मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों की तैयारियां तेज हो गई हैं। किसान खेतों की जुताई, मेड़बंदी और अन्य आवश्यक कार्यों को तेजी से पूरा करने में जुटे हैं, ताकि अच्छी बारिश के साथ खरीफ खेती की शुरुआत की जा सके। जिले में कृषि मुख्य रूप से वर्षा पर आधारित है। ऐसे में मानसून की पहली बारिश किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। बारिश शुरू होते ही धान की नर्सरी तैयार करने और रोपाई से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। कृषि विभाग ने भी खरीफ मौसम को लेकर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसानों को समय पर धान बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है और जल्द ही विभिन्न प्रखंडों में बीज वितरण का कार्य शुरू होगा। सरायकेला-खरसावां जिले के किसानों को आगामी एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर बीज विनिमय योजना के तहत 400 क्विंटल धान बीज उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि विभाग ने खरीफ मौसम को देखते हुए इसकी तैयारी पूरी कर ली है। योजना के तहत किसानों को धान बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर दिया जाएगा। जिले के कृषि परिदृश्य पर नजर डालें तो यहां 1,148 गांवों में कुल 76,388 किसान खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं। जिले में कुल 1,46,046 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। इनमें 63 प्रतिशत क्षेत्र अपलैंड, 24 प्रतिशत मीडियम लैंड तथा 12 प्रतिशत लोलैंड श्रेणी में आता है। वहीं जिले में कुल 5,729 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित है, जबकि अधिकांश खेती अब भी मानसूनी वर्षा पर निर्भर है। फिलहाल किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए मानसून की पहली फुहार का इंतजार कर रहे हैं, जो जिले में खेती की नई उम्मीद लेकर आएगी। जिला कृषि पदाधिकारी रोशन नीलकमल ने बताया कि प्रथम चरण में किसानों के बीच 400 क्विंटल धान बीज का वितरण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। बीज का वितरण लैंपस के माध्यम से किया जाएगा, ताकि किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि इस चरण में एमटीयू-1010, तथा एमटीयू-7029 जैसी उन्नत किस्मों के धान बीज किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। ये किस्में बेहतर उत्पादन क्षमता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मानी जाती हैं। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि बीज विनिमय योजना के बाद फसल विस्तार योजना के तहत भी किसानों को धान बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत किसानों को 100 प्रतिशत अनुदान पर बीज प्रदान किए जाएंगे। विभाग का प्रयास है कि मानसून के आगमन से पहले किसानों को पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध हो सके।


