अनुग्रह नारायण शाही | देवरिया24 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

‘खान सर बिहार का बड़ा माफिया बन गया है। हमें तो लगता है कि पटना में बगल वाली कोचिंग के संचालक को फंसाने के लिए उसने खुद ही गोली चलवाई है। खान सर के साथ जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है। पाप का घड़ा भर जाता है तो टूटता जरूर है। उसका सच सामने आ रहा है।’
ये कहना है कि यूपी के देवरिया में रहने वाले इमरान खान का…। वो खुद को फैजल खान (खान सर) का चाचा बताते हैं। खान सर की देवरिया के भाटपाररानी कस्बे में आलीशान कोठी है। गांव में उनके पटीदार-रिश्तेदार रहते हैं।
2 जून की रात पटना स्थित खान सर की कोचिंग पर हमला हुआ था। घटना के दौरान उनके बॉडीगार्ड्स के फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था। मामले में पुलिस पहले ही दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और खान सर से भी पूछताछ की जा चुकी है। इसके बाद से खान सर विवादों में घर गए हैं। भास्कर टीम देवरिया में खान सर के पैतृक गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट…
पहले 3 तस्वीरें देखिए…

देवरिया के वार्ड 1 में बनी खान सर की आलीशन कोठी। उनका परिवार अब यहीं पर रहता है।

वार्ड 1 की कोठी से 500 मीटर की दूरी पर खान सर का दूसरा मकान है।

ये भाटपाररानी के वार्ड नंबर-11 में खान सर का पुस्तैनी मकान है, खान सर का बचपन इसी मकान में बीता।
भाटपाररानी नगर पंचायत में बने तीन मकान देवरिया मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर भाटपाररानी नगर पंचायत है। यहां मदन मोहन मालवीय डिग्री कॉलेज के पास गुदरी बाजार वार्ड–11 में करीब 1000 स्क्वॉयर फीट में खान सर का एक मंजिला पैतृक घर है। इसी मकान में खान सर का बचपन बीता।
बताया जाता है कि पैतृक आवास में आपसी विवाद के बाद परिवार ने 2021 में कोरोना काल के दौरान वार्ड संख्या–7 रानी पोखरा में दूसरा मकान बनवाया। फिर वहीं रहने लगे। इसके बाद वार्ड–एक लखना उर्फ डोमडीह में खान सर ने आलीशान कोठी बनवाई।
पड़ोसी बोले– गोंडा से देवरिया आए थे खान सर के बाबा गुदरी बाजार में खान सर के पड़ोसी छोटू खान का कहना है– खान सर के दादा इकबाल खान मूल रूप से यूपी में गोंडा के दशरथपुर गांव के रहने वाले थे। वे वहां से निकलकर देवरिया के भाटपाररानी आए थे। बाद में यहीं स्थायी निवास बना लिया। इकबाल खान के तीन पुत्र थे। बशीर खान, नईम खान और सईद खान। इनमें बशीर खान का परिवार भाटपाररानी में रह रहा है, जबकि नईम और शाहिद के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
छोटू ने बताया– बशीर खान के तीन बेटों में सबसे बड़े फैजल खान उर्फ खान सर और दूसरे भाई फैसल खान बिहार में रहते हैं। जबकि तीसरा भाई सैफ खान भाटपाररानी में रहकर शिवम साइंस कॉलेज से हाईस्कूल की पढ़ाई कर रहा है।

भाटपाररानी में बने इसी स्कूल में खान सर ने 8वी तक की पढ़ाई की।
देवरिया में बीएससी तक पढ़ाई की छोटू खान कहते हैं- यहां परमार मिशन स्कूल में खान सर ने कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। इसी स्कूल में इनके बाबा शिक्षक थे। इसके बाद पकड़ी बाबू गांव के राम मनोहर लोहिया इंटर कॉलेज से हाई स्कूल किया। फिर सिद्दीकी अहमद इंटर कॉलेज से इंटर और इसी कॉलेज की शाखा से बीएससी पास की। बीएससी के बाद वो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज चले गए। वहां से बिहार जाकर कांचिंग चलाने लगे। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के दौर ने जोर पकड़ा तो खान सर अपने वीडियो यूट्यूब समेत तमाम सोशल मीडिया पर डालने लगे। जिससे उन्हें देशभर में लोकप्रियता मिली।
बिहार जाने के बाद खान सर अक्सर देवरिया आते रहे। 2021 से लेकर 2025 तक 5 साल के अदंर खान सर ने भाटपाररानी के वार्ड–1 लखना उर्फ डोमडीह में 500 मीटर की दूरी पर एक आलीशान कोठी और एक छोटा मकान बनवाया। मई 2025 में इस कोठी में गृह प्रवेश किया। इसके बाद एएस खान से शादी करने के बाद बाद खान सर दो दिन इसी कोठी में परिवार के साथ रहे। इसके बाद वो पटना चले गए। अब इस कोठी में उनके पिता, मां और छोटा भाई रहता है।

वार्ड-1 के सभाषद आदित्य सिंह उर्फ मोनू ने कहा- खान सर ने नाली का निर्माण रुकवा दिया जो आज तक रुका पड़ा है।
सभाषद बोले– खान सर ने अपनी कोठी के लिए नाली का काम रुकवाया वार्ड-1 के सभाषद आदित्य सिंह उर्फ मोनू का आरोप है कि जब खान सर की कोठी का निर्माण चल रहा था तो उनके घर के पास एक नाली का निर्माण भी होना था। इसको लेकर विवाद हुआ और खान सर ने अपना रौब दिखाते हुए नाली का निर्माण रुकवा दिया था। पटना से एक कॉल पर लेखपाल और एसडीएम समेत तमाम अफसरों ने काम रुकवा दिया, जो आजतक रुका हर पड़ा है। नाली न बनने से वहां सड़क भी नहीं बन पाई है।
सभाषद का कहना है कि आज तक खान सर ने भाटपार रानी का नाम तक नहीं लिया। कुछ लोग खान सर को भाटपाररानी का गौरव बताते हैं, जबकि उसने कहीं भी अपनी जन्मभूमि का नाम तक नहीं लिया। भाटपाररानी को छोड़िए देवरिया और उत्तर प्रदेश का नाम भी नहीं लेते हैं।

खान सर के चचेरे चाचा इमरान अहमद खान ने आरोप लगाया कि फैजल खान उर्फ खान सर हमारी जमीन हड़पना चाहते हैं।
पुस्तैनी मकान को लेकर भी चल रहा विवाद भाटपाररानी के वार्ड नंबर–11 गुदरी बाजार में खान सर के पैतृक घर और उसके सामने के 1500 स्क्वायर फीट के प्लॉट को लेकर विवाद चला आ रहा है। रिश्ते में खुद को खान सर के चचेरे चाचा बताने वाले इमरान अहमद खान कहते हैं कि खान सर के बाबा इकबाल खान और मेरे पिता ने कई जगह साथ में प्रॉपर्टी खरीदी थी। लेकिन खान सर ने हम लोगों के साथ हमेशा बेईमानी की। हमारी पैतृक संपत्ति को वो हड़पना चाहते हैं।
इमरान ने कहा, साजिश करके खान सर ने जिला न्यायालय की दीवानी कोर्ट में मुकदमा कर रखा था। वहां से मुकदमा हार गए तो हाईकोर्ट चले गए। ये लोग हम लोगों को प्रताड़ित करके पूरी प्रॉपर्टी कब्जाना चाहते हैं। जबकि वो जमीन हमारी पुस्तैनी है।

पड़ोसी राजू मिश्रा का कहना है कि खान सर शिक्षक कम सेलिब्रिटी ज्यादा हो गए हैं।
पड़ोसी बोले- खान सर खुद को सेलिब्रिटी समझते हैं वार्ड-1 में खान सर के पड़ोसी राजू मिश्रा कहते हैं- खान सर ने अपने भाई फैसल खान की शादी के लिए हम लोगों से फंक्शन के लिए हमारा खेत मांगा था। हमने मना कर दिया तो हम पर दबाव डालकर धमकाने लगे। लेकिन हम लोग नहीं डरे। खान सर शिक्षक नहीं हो सकते। शिक्षक सामान्य होता है जो छात्रों और समाज के लिए सरल होता है। खान सर खुद को बहुत बड़ा सेलिब्रिटी समझते हैं।

—–
ये खबर भी पढ़ें
फायरिंग मामले में खान सर ने दायर की जमानत याचिका:गार्ड्स की बेल पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित; अपोजिशन के वकील बोले- जानबूझकर गोली चलवाई

फायरिंग मामले में खान सर ने पटना सिविल कोर्ट में सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कल यानी मंगलवार को इस पर सुनवाई होगी। गोली चलाने वाले दोनों गार्ड्स की बेल के लिए भी आज अप्लाई किया गया है।
कोर्ट में गार्ड्स की जमानत को लेकर ज्ञान बिंदु के वकील की ओर से विरोध किया गया। ज्ञान बिंदु के वकील की ओर से कहा गया है कि इरदातन गोली चलवाई गई थी। भीड़ हटाने के लिए फायरिंग नहीं हुई थी। पूरी खबर पढ़ें



