बिहार राज्य महिला आयोग ने पिछले 1 साल में 6860 केस का निपटारा किया है। कुल 9751 केस में से 6159 कैंप लगाकर सुलझाए गए और 3268 केस को आयोग के ऑफिस में निष्पादित किया गया।
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दरअसल, पिछले साल सरकार बदलने के बाद 7 जून 2025 को बिहार राज्य महिला आयोग के पुनर्गठन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा सहित सभी 7 सदस्यों ने 9 जून को पदभार ग्रहण किया था। आज इसके 1 साल पूरे हो गए हैं।

आयोग की अध्यक्ष अप्सरा और सदस्य।
आयोग के पुनर्गठन के बाद 9751 मामले थे लंबित
अपने 1 साल के कार्यकाल को लेकर आयोग ने डेटा जारी किया है। जब बिहार राज्य महिला आयोग का पुनर्गठन हुआ था तो 9751 से अधिक मामले लंबित थे। इसमें से 6345 केस 2021 से 2024 तक के थे, जो पेंडिंग थे। वहीं साल 2025 में 2092 कुल आवेदन प्राप्त हुए थे। साल 2026 की बात की जाए तो 8 जून तक कुल 1314 मामले आए हैं।
1 साल में 11 जिलों में लगे कैंप
पीड़िता को जल्द न्याय मिले इसके लिए आयोग ने जिलों में जाकर कैंप लगाया। महिला आयोग आपके द्वारा कैंप के तहत जिलों में सुनवाई की गई है। 1 साल में 11 जिलों में कैंप लगाकर कुल 3759 केसों की सुनवाई की गई, जिसमें से 3592 का निष्पादन कर दिया गया है और 250 मामलों पर अभी कार्रवाई चल रही है।
महिला आयोग ने पुलिस अधीक्षक को लेटर लिखकर 482 केस पर जांच रिपोर्ट की मांग की गई है और 2409 पर सुनवाई जारी है।

महिलाओं को उनके वाजिब हक से वाकिफ कराया
बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो. अप्सरा ने कहा कि महिला आयोग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नए और पुराने मामले निपटाए हैं। आयोग का काम सिर्फ केस की सुनवाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को उनके वाजिब हक से वाकिफ कराना है।
इसे लेकर आयोग विभिन्न स्थलों का निरीक्षण भी कर रही है। वन स्टॉप सेंटर, जेल, बालिका गृह का निरीक्षण जारी है।
