बेतिया रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को ट्रेनों की समय-सारणी पूरी तरह प्रभावित रही। कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के घंटों देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद भी ट्रेन नहीं आने से कई यात्रियों को अपनी यात्रा योजना बदलनी पड़ी और वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्होंने समय की बचत और बेहतर सुविधा के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया था। लेकिन मंगलवार को यह ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चली। वंदे भारत एक्सप्रेस 4 घंटे 15 मिनट की देरी से पहुंची जानकारी के अनुसार, गोरखपुर से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस मंगलवार को करीब 4 घंटे 34 मिनट की देरी से रवाना हुई। इसके कारण ट्रेन अपने निर्धारित समय पर बगहा नहीं पहुंच सकी। वंदे भारत एक्सप्रेस बगहा रेलवे स्टेशन पर लगभग 4 घंटे 15 मिनट की देरी से सुबह 11:45 बजे पहुंची। ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर बैठे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होने की चिंता सताने लगी। एक यात्री ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उसने बगहा से मुजफ्फरपुर जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया था, लेकिन ट्रेन की देरी की जानकारी मिलने के बाद मजबूरी में उसे सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस से यात्रा करनी पड़ी। यात्रियों ने कहा- घंटों करना पड़ा इंतजार स्टेशन पर मौजूद यात्रियों अरविंद गुप्ता, सोहन राम, मोहन श्रीवास्तव और रंजन कुमार ने बताया कि मंगलवार को कई एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। यात्रियों का कहना था कि गर्मी के मौसम में स्टेशन पर घंटों इंतजार करना काफी मुश्किल हो रहा था। कई यात्रियों को बच्चों और बुजुर्गों के साथ परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बताया कि ट्रेन लेट होने की स्पष्ट जानकारी समय पर नहीं मिलने से भी यात्रियों को दिक्कत हुई। सत्याग्रह एक्सप्रेस भी घंटों रही लेट रक्सौल से आनंद विहार जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस भी मंगलवार को विलंब से चली। जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन रक्सौल से लगभग 3 घंटे 34 मिनट की देरी से रवाना हुई।इस कारण बगहा स्टेशन पहुंचने में भी काफी देर हुई। ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर रहना पड़ा। अवध और सप्तक्रांति एक्सप्रेस पर भी पड़ा असर बरौनी से बांद्रा जाने वाली अवध एक्सप्रेस भी मंगलवार को करीब 1 घंटा 38 मिनट की देरी से चली। यह ट्रेन दोपहर के बजाय शाम करीब 5 बजे के बाद बगहा स्टेशन पहुंची। वहीं मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी लगभग 2 घंटे की देरी से पहुंची। लगातार ट्रेनों के विलंब होने से स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। कई यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा के लिए दूसरे साधनों या वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा। रेलवे की व्यवस्था पर उठे सवाल एक ही दिन में कई प्रमुख ट्रेनों के घंटों देर से चलने के बाद यात्रियों ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों के लिए समय पर परिचालन बेहद जरूरी है। खासकर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन के भी इतने विलंब से चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। फिलहाल रेलवे की ओर से ट्रेनों के विलंब होने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में परिचालन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की रफ्तार पर लगा ब्रेक:बेतिया में वंदे भारत 4 घंटे से ज्यादा लेट, यात्रियों ने बदली यात्रा की योजना
बेतिया रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को ट्रेनों की समय-सारणी पूरी तरह प्रभावित रही। कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के घंटों देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लंबे इंतजार के बाद भी ट्रेन नहीं आने से कई यात्रियों को अपनी यात्रा योजना बदलनी पड़ी और वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जिन्होंने समय की बचत और बेहतर सुविधा के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया था। लेकिन मंगलवार को यह ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से काफी विलंब से चली। वंदे भारत एक्सप्रेस 4 घंटे 15 मिनट की देरी से पहुंची जानकारी के अनुसार, गोरखपुर से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस मंगलवार को करीब 4 घंटे 34 मिनट की देरी से रवाना हुई। इसके कारण ट्रेन अपने निर्धारित समय पर बगहा नहीं पहुंच सकी। वंदे भारत एक्सप्रेस बगहा रेलवे स्टेशन पर लगभग 4 घंटे 15 मिनट की देरी से सुबह 11:45 बजे पहुंची। ट्रेन के इंतजार में स्टेशन पर बैठे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी होने की चिंता सताने लगी। एक यात्री ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उसने बगहा से मुजफ्फरपुर जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस में टिकट बुक कराया था, लेकिन ट्रेन की देरी की जानकारी मिलने के बाद मजबूरी में उसे सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस से यात्रा करनी पड़ी। यात्रियों ने कहा- घंटों करना पड़ा इंतजार स्टेशन पर मौजूद यात्रियों अरविंद गुप्ता, सोहन राम, मोहन श्रीवास्तव और रंजन कुमार ने बताया कि मंगलवार को कई एक्सप्रेस ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। यात्रियों का कहना था कि गर्मी के मौसम में स्टेशन पर घंटों इंतजार करना काफी मुश्किल हो रहा था। कई यात्रियों को बच्चों और बुजुर्गों के साथ परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने बताया कि ट्रेन लेट होने की स्पष्ट जानकारी समय पर नहीं मिलने से भी यात्रियों को दिक्कत हुई। सत्याग्रह एक्सप्रेस भी घंटों रही लेट रक्सौल से आनंद विहार जाने वाली सत्याग्रह एक्सप्रेस भी मंगलवार को विलंब से चली। जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन रक्सौल से लगभग 3 घंटे 34 मिनट की देरी से रवाना हुई।इस कारण बगहा स्टेशन पहुंचने में भी काफी देर हुई। ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को लंबे समय तक प्लेटफॉर्म पर रहना पड़ा। अवध और सप्तक्रांति एक्सप्रेस पर भी पड़ा असर बरौनी से बांद्रा जाने वाली अवध एक्सप्रेस भी मंगलवार को करीब 1 घंटा 38 मिनट की देरी से चली। यह ट्रेन दोपहर के बजाय शाम करीब 5 बजे के बाद बगहा स्टेशन पहुंची। वहीं मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी लगभग 2 घंटे की देरी से पहुंची। लगातार ट्रेनों के विलंब होने से स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई। कई यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा के लिए दूसरे साधनों या वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ा। रेलवे की व्यवस्था पर उठे सवाल एक ही दिन में कई प्रमुख ट्रेनों के घंटों देर से चलने के बाद यात्रियों ने रेलवे व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले लोगों के लिए समय पर परिचालन बेहद जरूरी है। खासकर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन के भी इतने विलंब से चलने से यात्रियों को परेशानी हुई। फिलहाल रेलवे की ओर से ट्रेनों के विलंब होने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में परिचालन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


