जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड की चकनायपाड़ा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत 4.83 लाख रुपए की फर्जी निकासी का मामला सामने आया है। जीवनपुर गांव के निवासी बुधन मिर्धा और उनकी पत्नी बेबी देवी ने इस संबंध में जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार के पास शिकायत दर्ज कराई है। दंपती ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दंपती ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत की मुखिया दुखी मुर्मू, बिचौलिया वनमाली मिर्धा और प्रखंड कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से उनके नाम पर मनरेगा योजनाओं के फर्जी मास्टर रोल और दस्तावेज तैयार किए गए। योजनाओं का कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का भुगतान कर दिया गया इसके माध्यम से कुल 4 लाख 83 हजार 456 रुपए की अवैध निकासी की गई। दंपती का दावा है कि योजनाओं का कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर कोई काम नहीं हुआ। बुधन मिर्धा ने बताया कि उनके पास रहने के लिए एक घर के अलावा कोई जमीन नहीं है। इसके बावजूद, उनके और उनकी पत्नी के नाम पर विभिन्न मनरेगा योजनाओं में कार्य दिखाकर सरकारी राशि निकाल ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इन योजनाओं की कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। आवेदन में उन योजनाओं का विवरण दिया गया है, जिनके तहत राशि की निकासी दर्शाई गई है। जांच अधिकारी के घर पहुंचने पर दंपती का पता चला फर्जीवाड़ा बुधन मिर्धा ने बताया कि उन्हें इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब प्रखंड स्तर से एक जांच अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारी ने उन्हें सूचित किया कि उनके नाम पर संचालित मनरेगा योजनाओं और अबुआ आवास का कार्य पूर्ण दिखाया गया है। इसके बाद उन्होंने संबंधित अभिलेखों की जानकारी जुटाई, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित दंपती ने उपायुक्त से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि के कथित गबन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आवेदन प्राप्त होने के बाद डीडीसी को जांच करने का आदेश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -आलोक कुमार, डीसी, जामताड़ा
मनरेगा में 4.83 लाख की फर्जी निकासी का आरोप:पीड़ित दंपती पहुंचा जामताड़ा उपायुक्त कार्यालय, जांच और कार्रवाई की मांग की
जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड की चकनायपाड़ा पंचायत में मनरेगा योजना के तहत 4.83 लाख रुपए की फर्जी निकासी का मामला सामने आया है। जीवनपुर गांव के निवासी बुधन मिर्धा और उनकी पत्नी बेबी देवी ने इस संबंध में जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार के पास शिकायत दर्ज कराई है। दंपती ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दंपती ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि पंचायत की मुखिया दुखी मुर्मू, बिचौलिया वनमाली मिर्धा और प्रखंड कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से उनके नाम पर मनरेगा योजनाओं के फर्जी मास्टर रोल और दस्तावेज तैयार किए गए। योजनाओं का कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का भुगतान कर दिया गया इसके माध्यम से कुल 4 लाख 83 हजार 456 रुपए की अवैध निकासी की गई। दंपती का दावा है कि योजनाओं का कार्य पूर्ण दिखाकर राशि का भुगतान कर दिया गया, जबकि मौके पर कोई काम नहीं हुआ। बुधन मिर्धा ने बताया कि उनके पास रहने के लिए एक घर के अलावा कोई जमीन नहीं है। इसके बावजूद, उनके और उनकी पत्नी के नाम पर विभिन्न मनरेगा योजनाओं में कार्य दिखाकर सरकारी राशि निकाल ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इन योजनाओं की कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं। आवेदन में उन योजनाओं का विवरण दिया गया है, जिनके तहत राशि की निकासी दर्शाई गई है। जांच अधिकारी के घर पहुंचने पर दंपती का पता चला फर्जीवाड़ा बुधन मिर्धा ने बताया कि उन्हें इस कथित फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई जब प्रखंड स्तर से एक जांच अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारी ने उन्हें सूचित किया कि उनके नाम पर संचालित मनरेगा योजनाओं और अबुआ आवास का कार्य पूर्ण दिखाया गया है। इसके बाद उन्होंने संबंधित अभिलेखों की जानकारी जुटाई, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। पीड़ित दंपती ने उपायुक्त से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा सरकारी राशि के कथित गबन की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आवेदन प्राप्त होने के बाद डीडीसी को जांच करने का आदेश दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -आलोक कुमार, डीसी, जामताड़ा


