पूर्णिया में 28 जून से 2 जुलाई तक राज्यव्यापी पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। भारत सरकार के निर्देश पर राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस अभियान में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विनय मोहन ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों, टीकाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान शुरू होने से कम-से-कम दस दिन पहले जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और अभियान को उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने वैक्सीन की बर्बादी रोकने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। घर-घर टीकाकरण के बाद यदि किसी खुले वायल में वैक्सीन शेष बचती है, तो कोल्ड चेन मानकों का पालन करते हुए उसका अगले दिन भी उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि जिले के सभी पात्र बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
पूर्णिया में 28 जून से पल्स पोलियो अभियान शुरू होगा:0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जाएगी खुराक
पूर्णिया में 28 जून से 2 जुलाई तक राज्यव्यापी पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। भारत सरकार के निर्देश पर राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस अभियान में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विनय मोहन ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वास्थ्य अधिकारियों, टीकाकर्मियों और पर्यवेक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान शुरू होने से कम-से-कम दस दिन पहले जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और अभियान को उच्च गुणवत्ता के साथ संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने वैक्सीन की बर्बादी रोकने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। घर-घर टीकाकरण के बाद यदि किसी खुले वायल में वैक्सीन शेष बचती है, तो कोल्ड चेन मानकों का पालन करते हुए उसका अगले दिन भी उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि जिले के सभी पात्र बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को मजबूत बनाने में सहयोग करें।

