किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड के पथरिया गांव में एक दुर्लभ पैंगोलिन मिलने से कौतूहल का माहौल बन गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करोड़ों बताई जाती है, हालांकि भारत में इसकी खरीद-बिक्री और किसी भी तरह से तस्करी पर रोक है। ग्रामीण परीक्षण राय और अन्य स्थानीय लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पैंगोलिन को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और न ही उसे पकड़ने में जल्दबाजी की। ग्रामीणों ने सतर्कता बरतते हुए जीव को सुरक्षित पकड़ा और तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम अब उसकी स्वास्थ्य जांच करेगी
मुखिया प्रतिनिधि अजय सिंह ने बताया कि पैंगोलिन को सुरक्षित रूप से प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया है। वन विभाग की टीम अब उसकी स्वास्थ्य जांच करेगी। जांच के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। विभाग ने ग्रामीणों के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में पैंगोलिन का मिलना एक असामान्य घटना है। यह जीव आमतौर पर घने जंगलों में पाया जाता है और तस्करी के कारण तेजी से विलुप्त हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसके शल्क और मांस की भारी मांग के चलते इसकी कीमत करोड़ों में होती है। वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं
ग्रामीणों की जागरूकता और संवेदनशीलता की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम लोगों की भागीदारी से ही दुर्लभ प्रजातियों को बचाया जा सकता है। पथरिया के ग्रामीणों ने यह साबित कर दिया है। वन विभाग ने भी आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं कोई दुर्लभ जीव दिखे तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत विभाग को इसकी सूचना दें।


