अररिया में बाल श्रम के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। नरपतगंज प्रखंड में जिलास्तरीय धावा दल ने एक विशेष अभियान चलाकर एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया। इस कार्रवाई में प्रतिष्ठान पर जुर्माना लगाया गया और प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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धावा दल का नेतृत्व नोडल पदाधिकारी एवं श्रम अधीक्षक अमित कुमार ने किया। टीम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी राजेश कुमार (रानीगंज), सौरभ प्रभाकर (कुर्साकांटा), अमीत कुमार कश्यप (जोकीहाट), ममता कुमारी (नरपतगंज) सहित पुलिस अधिकारी और बल शामिल थे। टीम ने अररिया प्रखंड के विभिन्न प्रतिष्ठानों और गैरेजों का निरीक्षण किया।

प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई
अभियान के दौरान, नरपतगंज थाना क्षेत्र के ग्राम-चकरदाहा, पलासी स्थित मुमताज वाशिंग सेंटर से एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। प्रतिष्ठान के खिलाफ बाल श्रमिक अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नियोजक पर एम.सी. मेहता बनाम स्टेट ऑफ तमिलनाडु मामले के संदर्भ में 20,000 रुपये का जुर्माना नोटिस जारी किया जाएगा। यह राशि बाल श्रमिक पुनर्वास-सह-कल्याण कोष, अररिया में जमा कराई जाएगी। मुक्त कराए गए बाल श्रमिक को तत्काल राहत के रूप में 3,000 रुपये की प्राथमिक पुनर्वास राशि प्रदान की गई है।
25,000 रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में बैंक में जमा की जाएगी
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये की राशि फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में बैंक में जमा की जाएगी, जो बच्चे के 18 वर्ष की आयु होने पर परिपक्व होगी। पुनर्वास-सह-कल्याण कोष से 5,000 रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। इन लाभों का उद्देश्य बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार करना है।
श्रम विभाग के इस अभियान से बाल श्रम के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति का स्पष्ट संदेश मिलता है। अररिया जिला प्रशासन और श्रम विभाग लगातार ऐसे छापेमारी अभियान चला रहा है ताकि बच्चे स्कूल जा सकें, न कि कारखानों या दुकानों में काम करें। विभाग ने आश्वासन दिया है कि ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे, जिससे जिला बाल श्रम मुक्त बन सके।




