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Bihar Ratol Paste Ban | Sale Offline Online Farmers

बिहार सरकार ने चूहे, गिलहरी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जीव-जंतुओं को मारने में इस्तेमाल होने वाली दवा रेटॉल पेस्ट (Ratol Paste) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

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अब इसकी ऑफलाइन और ऑनलाइन किसी भी माध्यम से बिक्री नहीं की जा सकेगी। कृषि विभाग ने आम लोगों से भी इस जहरीली दवा का उपयोग न करने की अपील की है।

क्यों लगाया गया प्रतिबंध

कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह फैसला भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा फॉस्फोरस से संबंधित सख्त सुरक्षा मानकों के लागू होने के बाद लिया गया है।

रेटॉल पेस्ट में मौजूद खतरनाक रसायनों को देखते हुए इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए असुरक्षित माना गया है।

ई-कॉमर्स और दुकानदारों को निर्देश

सरकार ने राज्य में संचालित सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेजन, मीशो, जोमैटो समेत अन्य खुदरा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे तुरंत प्रभाव से इसकी बिक्री बंद करें।

आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साथ ही, अगर कोई दुकानदार इस उत्पाद को बेचता पाया जाता है, तो इसकी सूचना जिला स्तर पर सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण को देने का निर्देश भी जारी किया गया है।

क्या है रेटॉल पेस्ट

रेटॉल पेस्ट एक चिपचिपा, गाढ़ा और जहरीला उत्पाद होता है, जिसका उपयोग कृंतकनाशक (Rodenticide) के रूप में किया जाता है। इसे खाने के बाद चूहे और अन्य जीव-जंतु जहर के असर से मर जाते हैं। इसमें आमतौर पर येलो-व्हाइट फॉस्फोरस नामक अत्यंत खतरनाक रसायन होता है, जो सीधे जीवित कोशिकाओं पर असर डालता है और तेजी से मौत का कारण बनता है।

खेतों से लेकर घरों तक इस्तेमाल

अब तक इस दवा का उपयोग सिर्फ खेतों में ही नहीं, बल्कि घरों, किराना दुकानों और अनाज के गोदामों में भी बड़े पैमाने पर किया जाता रहा है। लोग चूहों से छुटकारा पाने के लिए इसे आम तौर पर रखते थे, लेकिन इसके खतरे को देखते हुए अब इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

इंसानों के लिए भी घातक

विशेषज्ञों के अनुसार, रेटॉल पेस्ट सिर्फ जानवरों के लिए ही नहीं बल्कि इंसानों के लिए भी बेहद खतरनाक है। इसकी थोड़ी मात्रा भी शरीर में जाने पर लिवर को गंभीर नुकसान, ब्लड प्रेशर बढ़ना, खून का जमाव और आंतरिक रक्तस्राव जैसी समस्याएं पैदा कर सकती हैं। इसका असर 48 घंटे के भीतर दिखाई देने लगता है और समय पर इलाज न मिलने पर जान भी जा सकती है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की जहरीली दवाओं के उपयोग से बचें और सुरक्षित विकल्प अपनाएं। यह कदम आम लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

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