CM पद छोड़ने के बाद लालू के पड़ोसी बनेंगे नीतीश:7 सर्कुलर रोड में खुद बनवाया आलीशान बंगला, लॉन में लगी कोलकाता की घास

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सीएम पद से हटने के बाद नीतीश कुमार लालू यादव के पड़ोसी बन जाएंगे। वह दिल्ली तो जा रहे हैं, लेकिन बिहार में अपना ठिकाना नहीं छोड़ेंगे। सीएम आवास 1 अणे मार्ग से निकलकर 7 सर्कुलर रोड जा सकते हैं। 7 सर्कुलर रोड आवास का इस्तेमाल अभी नीतीश कुमार ही कर रहे हैं। इसे सीएम कार्यालय के तौर पर यूज किया जा रहा है। नीतीश ने अपनी देखरेख में इस बंगले का निर्माण कराया है। यह इतना मजबूत है कि भूकंप के झटके झेल सके। इसके लॉन में कोलकाता से मंगाकर घास लगाई गई है। नीतीश कुमार को किस तरह पटना में सरकारी बंगला मिल सकता है? 7 सर्कुलर रोड आवास से उनका क्या नाता है? इस बंगले की क्या खासियत है? पढ़िए रिपोर्ट…।
सबसे पहले जानिए नीतीश को किस तरह मिल सकता है बंगला? बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री को सरकारी बंगला देने का नियम नहीं है। पहले ऐसी व्यवस्था थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इसपर रोक लगा दी है। नीतीश राज्यसभा जाएंगे तो उन्हें दिल्ली में केंद्र सरकार की ओर से बंगला मिलेगा। हालांकि, वह पटना में अपना ठिकाना बनाए रखना चाहते हैं तो यह संभव है कि बंगला मिल जाए। सरकार चाहे तो पूर्व सीएम को किराये पर घर दे सकती है। नीतीश कुमार को पसंद है 7 सर्कुलर रोड बंगला नीतीश कुमार को 7 सर्कुलर रोड बंगला पसंद है। लोकसभा चुनाव 2014 हारने के बाद उन्होंने सीएम पद छोड़ दिया था। जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। इसके बाद रहने के लिए 7 सर्कुलर आ गए थे। इसी बंगले में रहते हुए नीतीश ने जीतन राम से मुख्यमंत्री की कुर्सी वापस ले ली थी। विधानसभा 2015 में जीत दर्ज की और मुख्यमंत्री बने थे। CM बनने के बाद नीतीश एक अणे मार्ग गए, लेकिन 7 सर्कुलर बंगला अपने पास बनाए रखा। विपक्ष ने 2-2 बंगला रखने का आरोप लगाया तो इसे मुख्य सचिव के नाम अलॉट किया गया। नीतीश ने अपनी देखरेख में इस बंगले का भूकंप रोधी निर्माण कराया था। लालू यादव के पड़ोसी बनेंगे नीतीश कुमार

नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड बंगला में रहने जाते हैं तो लालू यादव के पड़ोसी बन जाएंगे। यहां से राबड़ी आवास बस दो घर बाद है। दोनों बंगलों के बीच की दूरी करीब 200 मीटर होगी। दोनों घर सर्कुलर रोड के दक्षिण तरफ है। 7 सर्कुलर रोड बंगला की खास बातें नंबर 7 से है नीतीश कुमार को प्रेम नीतीश कुमार अपने लिए नंबर 7 को लकी मानते हैं। वह केंद्र सरकार में रेल मंत्री बने थे तब उनके फोन नंबर का अंतिम अंक 7 था। नीतीश जब पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तो उन्हें जो गाड़ी मिली थी उसका नंबर 777 था। नीतीश ने 1977 में राजनीति शुरू की थी। 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने थे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को 7 निश्चय नाम दिया। अभी बिहार सरकार 7 निश्चय पार्ट 3 पर काम कर रही है। 19 वर्षों से बिहार की सत्ता का केंद्र रहा है 1 अणे मार्ग नीतीश अभी सीएम आवास एक अणे मार्ग में रह रहे हैं। यह घर लगभग 19 वर्षों से बिहार की सत्ता का केंद्र रहा है। जहां से नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति और प्रशासन को दिशा दी। अब राज्यसभा जाने के बाद उनका 7 सर्कुलर रोड में शिफ्ट होना एक तरह से बिहार की राजनीति में नई भूमिका की शुरुआत माना जा रहा है।

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