![]()
जमुई समाहरणालय परिसर में मंगलवार को एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक जिलाधिकारी की गाड़ी में बैठने की जिद करने लगा। इस अप्रत्याशित स्थिति के कारण कुछ देर के लिए प्रशासनिक परिसर में असहज माहौल बन गया। एक पिता अपने बेटे के साथ किसी काम से समाहरणालय पहुंचे थे। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब उनकी अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी, तो वे वापस लौटने लगे। इसी दौरान युवक की नजर पोर्टिको में खड़ी जिलाधिकारी की गाड़ी पर पड़ी और वह अचानक वहीं रुक गया। पिता से गाड़ी में बैठाने की जिद करता रहा युवक बताया जाता है कि युवक गाड़ी को देखकर आकर्षित हो गया और उसमें बैठने की इच्छा जताने लगा। वह बार-बार अपने पिता से गाड़ी में बैठाने की जिद करता रहा और अंततः गाड़ी के पास ही बैठ गया। इस स्थिति को देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी भी कुछ समय के लिए असमंजस में पड़ गए। सुरक्षाकर्मियों ने युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। पिता भी बेटे के इस व्यवहार से परेशान दिखे और उसे मनाने की लगातार कोशिश करते रहे।काफी देर किसी तरह से समझा बुझाने के बाद आखिरकार पिता युवक को वहां से हटाने में सफल रहे और अपने साथ ले गए। इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन युवक की इस मासूम जिद ने कुछ देर के लिए पूरे समाहरणालय परिसर का माहौल बदल दिया। समझाने के बाद वहां से हटा युवक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक गाड़ी को देखकर काफी उत्साहित था और उसी में बैठने की जिद कर रहा था। काफी समझाने के बाद ही वह वहां से हटा। यह घटना दिनभर समाहरणालय परिसर में चर्चा का विषय बनी रही।
