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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन इनोवेशन चैलेंज के तहत कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए राज्य स्तरीय बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता चैंपियनशिप एवं सोशल इमोशनल लर्निंग की तिमाही रैंकिंग जारी की गई। जिसमेंं रामगढ़ जिला को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। जिस पर राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन ने जिले के शिक्षा विभाग को बेहतर मॉनिटरिंग और स्टूडेंट लर्निंग के लिए किए जा रहे प्रयास पर बधाई दी है। जिससे जिला शिक्षा की पूरी टीम काफी उत्साहित है। झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा राज्य के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों में साक्षरता और इमोशनल पैरामीटर को जांचने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। विभिन्न मापदंडों के आधार पर उन्हें स्कोर दिया जाता है। जिसे कंबाइंड कर कम्पोजिट स्कोर जारी कर उन्हें रैंकिंग दी जाती है। जिसमें ईस्ट सिंहभूम, सरायकेला खरसावां समेत रामगढ़ जिले ने टॉप थ्री परफॉर्मिंग डिस्ट्रिक्ट में अपनी जगह बनाई है। जिला शिक्षा अधीक्षक संजीत कुमार ने कहा कि इस उपलब्धि से जिला शिक्षा विभाग की टीम उत्साहित है। ये सभी के सामूहिक प्रयास का नतीजा है। उन्होंने कहा कि विभाग प्रत्येक विद्यालय की रेगुलर मॉनिटरिंग और फीडबैक ले रहा है ताकि आगे आने वाले तिमाही मूल्यांकन में रामगढ़ जिला और बेहतर प्रदर्शन कर सके। जिला शिक्षा विभाग उस पर बेहतरी को लेकर अपने स्तर से प्रयास करता है। इसके लिए जिले के सभी प्राथमिक शिक्षकों को बधाई है। आगे पहले पायदान का लक्ष्य है। हम उसे जरूर हासिल करेंगे। तीन पैरामीटर में आयोजित इस परफॉर्मेस इंडिकेटर चैंपियनशिप में ग्रुप 1 में विद्यालयों में स्टडी मैटेरियल, शिक्षक उपस्थिति में जिले को तीसरा स्थान मिला। वहीं ग्रुप 2 में कक्षा प्रबंधन, इंटरनल असेसमेंट में चौथा स्थान मिला। ग्रुप 3 में छात्र उपस्थिति, पेरेंट टीचर मीटिंग, कम्युनिटी एंगेजमेंट में पांचवें स्थान के साथ कुल औसत स्कोर 63.83 प्रतिशत रहा। वहीं दुलमी प्रखंड का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है। जिले के सभी छह प्रखंड में दुलमी प्रखंड 77.4 के स्कोर के साथ टॉप परफॉर्मिंग ब्लॉक में अपनी जगह बनाई है।
रामगढ़ का कम्पोजिट स्कोर 63.83 प्रतिशत रहा
जिले के मांडू, गोला, पतरातू, दुलमी, चितरपुर और रामगढ़ प्रखंड में 346 प्राइमरी स्कूल हैं। जिसमें 35664 बच्चे नामांकित हैं। इस कार्यक्रम के तहत बेहतर मॉनिटरिंग और स्टूडेंट लर्निंग के लिए किए जा रहे प्रयास की मॉनिटरिंग की जाती है। आकलन के लिए टीम बच्चों से पूछताछ कर ऑन प्रक्रिया इंट्री की प्रक्रिया अपनाती है। उसके बाद ही राज्य से रैंकिंग जारी किया जाता है।




