झारखंड के दुमका जिले के कुम्हड़ाबाद की निवासी सुदीपा दत्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल कर IAS बन गईं हैं। उन्होंने अपनी अधिकांश तैयारी घर पर रहकर ही की, जिससे उन्होंने यह प्रतिष्ठित सफलता अर्जित की।
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सुदीपा के पिता सच्चिदानंद दत्ता दुमका पोस्ट ऑफिस में असिस्टेंट पोस्ट मास्टर के पद पर कार्यरत रहे हैं। वे वर्ष 1996 से 2016 तक बांका में पदस्थापित थे और 2017 में दुमका आए। उनकी माता पम्पा दत्ता ने मैट्रिक तक पढ़ाई की है और उन्होंने सुदीपा को हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
दुमका से स्नातक की डिग्री प्राप्त की
सुदीपा ने अपनी मैट्रिक की शिक्षा बांका के सेंट जोसेफ स्कूल से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने दुमका के ए एन कॉलेज से वर्ष 2022 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। स्नातक के बाद, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया और पूरी लगन से पढ़ाई शुरू कर दी।

सुदीपा प्रतिदिन 15 से 16 घंटे पढ़ाई करती थीं।
स्कूल के दिनों से ही सुदीपा पढ़ाई में मेधावी रही हैं। बांका के सेंट जोसेफ स्कूल के शिक्षक संजय शर्मा और मो. अयूब आजम ने उन्हें सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए प्रोत्साहित किया। अपनी तैयारी के दौरान, सुदीपा प्रतिदिन 15 से 16 घंटे पढ़ाई करती थीं।
हालांकि, सफलता का यह सफर आसान नहीं था। वर्ष 2022 में वह UPSC प्रीलिम्स परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाईं। उन्होंने हार नहीं मानी और वर्ष 2023 में फिर से परीक्षा दी, जिसमें वे इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन मात्र 9 अंकों से अंतिम चयन से चूक गईं। आखिरकार, जनवरी 2026 में सुदीपा दत्ता ने UPSC में 41वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का अपना सपना साकार किया।
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बोकारो की प्रतिभाशाली बेटी अपूर्वा वर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 42वीं रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। वर्तमान में दिल्ली में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के रूप में कार्यरत अपूर्वा की यह उपलब्धि न केवल बोकारो बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय बन गई है।
मूल रूप से बिहार के पश्चिमी चंपारण से संबंध रखने वाले उनके पिता अजीत कुमार प्रसाद वर्मा बोकारो स्टील प्लांट के ट्रैफिक विभाग में कार्यरत थे और 31 अक्टूबर 2025 को एजीएम पद से सेवानिवृत्त हुए। पढ़िए पूरी खबर…




