भारत-अमेरिका ट्रे़ड डील की घोषणा के बाद भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे भारत को अरबों डॉलर का फायदा होगा. वहीं दूसरी ओर भारत में इसे लेकर बवाल मचा है. विपक्ष खासकर कांग्रेस किसानों के मामले को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है और उनसे लगातार सवाल पूछ रही है.
कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज मंगलवार (3 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस ट्रेड डील को लेकर सवाल उठाए. कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट अब भारतीय बाजार में बिकेंगे, जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा. इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फायदा सुनिश्चित किया है.
अमेरिका की ओर से कहा गया है, “अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट अब भारतीय बाजार में बिकेंगे जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा। इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फायदा सुनिश्चित किया है।”
भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं? क्या…
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 3, 2026
प्रियंका गांधी वाड्रा के सवाल
उन्होंने आगे कहा कि भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं? क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलने जा रही है? क्या सरकार भारतीय किसानों को अमेरिकी कंपनियों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में झोंकेगी? क्या हमारे किसानों के हितों से समझौता किया गया है? जनता के सामने तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.
अमेरिकी कृषि सचिव का बयान
प्रियंका गांधी का ये बयान अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस के उस बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि इस ट्रेड डील से भारत के बाजात में अमेरिकी कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कीमतें बढ़ने से ग्रामीण अमेरिका में नकदी का फ्लो बढ़ेगा. रोलिंस ने कहा कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था. भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और आज का यह समझौता इस घाटे को कम करने में काफी मददगार साबित होगा.
भारत का स्टैंड
कृषि उत्पादों को लेकर उच्च स्तरीय सूत्रों का कहना है कि भारतीय कृषि उत्पादों पर कोई समझौता नहीं होगा. सरकार अपने रूख पर क़ायम है. कृषि और डेयरी पर कोई समझौता नहीं होगा. सरकार भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी.
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