Tuesday, March 31, 2026

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Jamshedpur Live Bomb Defusal | Army Operation Area Sealed

पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित पानीपाड़ा नागुडसाईं में सुवर्णरेखा नदी तट पर मिले 227 किलो वजनी जिंदा बम को भारतीय सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया है। मंगलवार को पूरे दिन सेना की विशेषज्ञ टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और

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अब बुधवार यानी आज इस विशालकाय बम को नियंत्रित विस्फोट के जरिए निष्क्रिय किया जाएगा। बम की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल से एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

आम लोगों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही नजदीकी कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों की उड़ान भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है, जिससे जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

डिफ्यूज करने की तैयारी की तस्वीरें देखें…

सेना की बम निरोधक टीम तैनात, वैज्ञानिक तरीके से होगा डिफ्यूज

इस संवेदनशील ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए रांची की 51 इंजीनियर रेजिमेंट की बम निरोधक टीम को तैनात किया गया है।

ऑपरेशन का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह कर रहे हैं। टीम में नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह, हवलदार कंवलदीप सिंह, हवलदार दलबीर सिंह, नायक सीएएस नौटियाल, लांस नायक मनोज और सैपर पंकज जैसे अनुभवी जवान शामिल हैं।

टीम ने बम की स्थिति, आसपास के भौगोलिक हालात और नदी के बहाव का बारीकी से अध्ययन किया है। बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों का मजबूत घेरा तैयार किया जा रहा है।

इसके साथ ही जमीन के अंदर करीब 10 फीट गहरा विशेष गड्ढा बनाया गया है, ताकि विस्फोट का असर नीचे ही सीमित रहे और आसपास किसी प्रकार की क्षति न हो।

बम को जमीन के अंदर करीब 10 फीट गहरा विशेष गड्ढा बनाया गया है, ताकि विस्फोट का असर नीचे ही सीमित रहे और आसपास किसी प्रकार की क्षति न हो।

बम को जमीन के अंदर करीब 10 फीट गहरा विशेष गड्ढा बनाया गया है, ताकि विस्फोट का असर नीचे ही सीमित रहे और आसपास किसी प्रकार की क्षति न हो।

विशेषज्ञों ने बताया बेहद खतरनाक, बड़ी त्रासदी टली

विशेषज्ञों के अनुसार 227 किलो वजनी यह बम अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक श्रेणी का है, जिसका विस्फोट बड़े इलाके को प्रभावित कर सकता था। समय रहते इसकी पहचान और सेना की त्वरित कार्रवाई ने संभावित बड़े हादसे को टाल दिया है। पूरे ऑपरेशन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जनहानि या संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।

प्रशासन और सेना लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अब सबकी निगाहें बुधवार को होने वाले इस हाई-रिस्क ऑपरेशन पर टिकी हैं, जहां सेना अपनी तकनीक और अनुभव के बल पर इस खतरे को पूरी तरह खत्म करने में जुटी है।

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अब सेना करेगी डिफ्यूज करेगी 227 किलो का बम:बहरागोड़ा स्वर्णरेखा नदी पहुंची सेना, दूसरा संदिग्ध सिलेंडर मिलने से सनसनी

पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी किनारे पिछले सात दिनों से पड़े संदिग्ध विस्फोटक को लेकर आखिरकार स्थिति स्पष्ट हो गई है। जांच के बाद इसे जिंदा बम माना गया है, जिसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गई हैं। बम की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं प्रशासन लगातार लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील कर रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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