
अधिकांश थाना क्षेत्रों में नहीं दिखी पुलिस गश्ती, सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे
Jamshedpur News (Nikhil Sinha) :
शहर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की गश्ती पार्टी की पोल उस वक्त खुल गयी, जब सोमवार को दिन में शहर की सड़कों पर पुलिस की पीसीआर वैन नदारत मिली. शहर और लोगों को सुरक्षा सुनिश्चित कराने वाली सभी थाना में पीसीआर वैन के साथ पुलिसकर्मी की तैनाती की गयी है. लेकिन कई चौक-चौराहों पर पुलिस के वाहन ना के बराबर दिखे. कई जगह पर गश्ती वाहन घंटों खड़े रहते हैं. दरअसल, मॉनिटरिंग नहीं होने से पुलिसकर्मी भी सुस्त हो गये हैं. इससे शहर की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है. सोमवार की दोपहर एक बजे से शाम 7 बजे तक प्रभात खबर के संवाददाता और छायाकार ने शहर के लगभग सभी थाना क्षेत्र की ग्राउंड रिपोर्टिंग की. जहां से मात्र पांच थाना क्षेत्र में ही पीसीआर वैन सड़क पर दिखी. अन्य थाना क्षेत्र में न तो थाना की गश्ती पार्टी दिखी और न ही पीसीआर वैन देखने को मिली. अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग का दावा करती है, मगर प्रभात खबर की पड़ताल में पुलिस के दावों की पोल खुल गयी.प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा
प्रभात खबर की टीम द्वारा शहर के संवेदनशील इलाकों, महत्वपूर्ण चौक-चौराहों और बाजारों का जायजा लिया गया. इस दौरान पाया गया कि आम लोगों को सुरक्षा देने के लिए सड़क पर घूमने वाली पुलिस की गाड़ी लापता है. टीम ने मानगो, उलीडीह, सीतारामडेरा, भुइयांडीह, सिदगोड़ा, बारीडीह बाजार रोड, बिरसानगर थाना, संडे मार्केट, टेल्को, खडंगाझार बाजार, लेबर ब्यूरो गोलचक्कर, तार कंपनी, टिनप्लेट रोड तक लगातार पड़ताल किया. लेकिन इतनी लंबी सड़क पर पुलिस की एक भी गश्ती गाड़ी नहीं दिखी. कई किलोमीटर तक एक भी पीसीआर वैन नजर नहीं आयी. इन सड़कों पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है.पीसीआर वैन चालक की है कमी :
पड़ताल के दौरान पता चला कि पीसीआर वैन को चलाने के लिए चालक की कमी है. वर्तमान में हर पीसीआर वैन के लिए दो चालक हैं. ऐसे में अगर, कोई चालक छुट्टी पर चला जाता है, तो पीसीआर वैन खड़ी करनी पड़ती है. ऐसे में पुलिस को पेट्रोलिंग करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.जुगसलाई : जुगसलाई रेलवे फाटक के पास : दोपहर 1:53 बजे
जुगसलाई थाना से निकलकर पीसीआर संख्या-08 दोपहर 1:53 बजे जुगसलाई गोलचक्कर पहुंची, जहां पीसीआर वैन के पुलिसकर्मी गाड़ी से नीचे उतरे और बातचीत करते हुए गन्ने का जूस पीते दिखे.गोलमुरी : एबीएम कॉलेज के पास : दोपहर 3:40 बजे
गोलमुरी थाना की पीसीआर वैन संख्या-14 दोपहर 3:40 बजे एबीएम कॉलेज के पास छांव में खड़ी दिखी. वैन के पदाधिकारी गाड़ी से नीचे उतर कर आपस में बात कर रहे थे. एक जवान गाड़ी के पीछे की सीट पर बैठकर आराम करते दिखा.साकची : जेएनएसी कार्यालय के पास : दोपहर 3:54 बजे
साकची थाना की पीसीआर वैन संख्या-18 दोपहर 3:54 बजे जेएनएसी कार्यालय गेट के पीछे पेड़ के नीचे छांव में खड़ी मिली. वहीं, पीसीआर वैन का चालक नदारत था. एक पदाधिकारी आगे की सीट पर बैठकर मोबाइल देख रहे थे और पीछे की सीट पर बैठा पुलिसकर्मी मुस्तैद रहने की बजाय आराम फरमाते नजर आये.बिष्टुपुर : गैरेज गांव के पास : शाम 4:43 बजे
बिष्टुपुर थाना की पीसीआर वैन संख्या-7 गैरेज गांव मोड़ के पास शाम 4:43 बजे खड़ी पायी गयी. सभी गाड़ी में बैठकर मोबाइल देख रहे थे. फोटोग्राफर द्वारा तस्वीर लेने के बाद आनन-फानन में सभी वीमेंस कॉलेज रोड की ओर चले गये.बर्मामाइंस : स्टार टॉकिज के पास : शाम 5:09 बजे
बर्मामाइंस थाना की पीसीआर वैन संख्या-9 शाम 5:09 बजे स्टार टॉकिज के पास खड़ी पायी गयी. कुछ पुलिसकर्मी पास में लगी सब्जी बाजार से सब्जी खरीदते दिखे. फोटोग्राफर पर नजर पड़ने के बाद वे लोग बर्मामाइंस की ओर चले गये.बिष्टुपुर : टाटा स्टील जनरल ऑफिस गेट
बिष्टुपुर थाना की पीसीआर वैन संख्या-6 टाटा स्टील जनरल ऑफिस के गेट के पास खड़ी मिली. जहां किसी घटना को लेकर कंपनी गेट पर प्रदर्शन चल रहा था. लेकिन पीसीआर में सवार पुलिस मोबाइल देख रहे थे.किस थाने में कितनी पीसीआर की तैनाती
बिष्टुपुर – 2साकची – 2मानगो – 1गोलमुरी – 1जुगसलाई – 1आजादनगर – 1
एमजीएम – 1कदमा- 1सोनारी – 1सिदगोड़ा – 1
सीतारामडेरा – 1टेल्को – 1गोविंदपुर – 1बिरसानगर – 1
बर्मामाइंस – 1बागबेड़ा -1सुंदरनगर – 1सीसीआर – 1
बातचीत : मनोज ठाकुर , डीएसपी सीसीआर , जमशेदपुर ,
सवाल – पीसीआर वैन की मॉनिटरिंग का क्या सिस्टम है ?
जवाब –
सभी पीसीआर वैन में जीपीएस सिस्टम लगा हुआ है. जिससे पीसीआर वैन की माॅनिटरिंग की जाती है. इसके लिए पदाधिकारी को भी तैनात किया गया है. इस सिस्टम के माध्यम से प्रत्येक पीसीआर वैन के 10 दिनों की गतिविधियों को देखा जा सकता है.सवाल
– सीसीआर द्वारा पीसीआर वैन की गश्ती की जांच होती है या नहीं ?जवाब –
सीसीआर के पदाधिकारियों द्वारा समय-समय पर पीसीआर वैन की गश्ती की औचक जांच की जाती है. उस दौरान अगर किसी पीसीआर वैन की कार्यशैली गलत पायी जाती है, तो उसकी 10 दिन की पेट्रोलिंग डिटेल निकाली जाती है. जिसके आधार पर कार्य में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई भी होती है.सवाल –
पड़ताल के दौरान अधिकांश थाना क्षेत्र में पीसीआर वैन नहीं दिखीजवाब –
हर थाना क्षेत्र में पीसीआर वैन को गश्ती करने का आदेश है. कभी-कभी चालक और पुलिस पदाधिकारियों की कमी होने के कारण पीसीआर वैन की गश्ती पर असर पड़ता है. कई बार वीआइपी ड्यूटी भी लगती है. लेकिन फिर भी आपके द्वारा दी गयी जानकारी की जांच की जायेगी. अगर यह सही पायी गयी, तो कार्रवाई होगी.The post Jamshedpur News : प्रभात पड़ताल : पीसीआर वैन में मोबाइल देखते और आराम फरमाते दिखे पुलिसकर्मी appeared first on Prabhat Khabar.




