NEET Student Rape-Death Bihar | CBI Summons Hostel Warden, Son

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NEET छात्रा रेप-मौत मामले में CBI की टीम जांच में जुटी है। छात्रा का परिवार CBI की शुरुआती जांच से संतुष्ट है। परिवार को लग रहा है कि जिस तरह से केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम पड़ताल कर रही है, उससे उनके हाथ ठोस एविडेंस लगेंगे और पूरे मामले का खुलासा हो

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ये बातें छात्रा के परिवार के एक रिश्तेदार ने कही है। उन्होंने बताया कि सीबीआई की टीम हमारी बातों को समझ रही है। अधिकारी परिवार की बातों को अच्छे से सुन रहे हैं। उनके बताए कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स को भी वो आधार बनाएंगे।

हालांकि, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने गुरुवार की रात फेसबुक लाइव आकर इस मामले में पटना SSP और SP की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि SSP बताए मनीष को किस केस में गिरफ्तार किया है और हॉस्टल मालिक को अब तक क्यों गिरफ्तार नहीं किया है।

अब पढ़िए परिवार के सदस्य ने CBI की जांच पर क्या कहा…

NEET छात्रा के चाचा ने कहा, परिवार आज भी अपने दावे पर कायम है। हम शुरुआत से ही पटना के शम्भू गर्ल्स हॉस्टल पर शक कर रहे है और यहीं उसके साथ गलत हुआ है।

घटना की सारे रहस्य हॉस्टल के अंदर ही हैं। CBI की टीम ने परिवार से पहले दिन बात की थी, तभी उन्हें बताया गया कि हॉस्टल संचालिका, उसके बेटे और वहां की वार्डेन को सामने बैठाकर पूछताछ कीजिए। इसके बाद पूरी असलियत सामने आ जाएगी।

6-8 घंटे में होने वाली यूरिन टेस्ट 8 जनवरी को क्यों कराई?

CBI के सामने परिवार ने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में छात्रा के किए गए इलाज पर सवाल खड़ा किया। हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर इलाज में लापरवाही बरतने और इस मामले के संदिग्धों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया।

चाचा के अनुसार, छात्रा को प्रभात मेमोरियल में इलाज के लिए एडमिट कराया गया, तब यूरिन का एक टेस्ट महज 6 से 8 घंटे के अंदर ही कराना था। लेकिन वहां इलाज कर रहे डॉक्टर ने ऐसा नहीं किया। टेस्ट 8 जनवरी को करवाया गया। अब सवाल उठता है कि वहां की मेडिकल टीम ने ऐसा क्यों किया?

इस बारे में भी जांच एजेंसी को बताया गया है। प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में जो इलाज किया गया, उसे दूसरे डॉक्टरों से क्रॉस चेक किया। सबने गलत इलाज की बात कही है। इसलिए CBI से प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज करने वाले डॉक्टर और नर्स से पूछताछ करने की अपील की गई है।

CBI की टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल की भी जांच की थी।

CBI की टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल की भी जांच की थी।

CBI ने कदमकुआं थाने के संस्पेंड SI से की पूछताछ

पटना पुलिस के सस्पेंड सब इंस्पेक्टर हेमंत झा को CBI ने पूछताछ के लिए गुरुवार को अपने ऑफिस बुलाया था। करीब 30 मिनट तक उनसे पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार उस दरम्यान उनसे कई सवाल पूछे गए। इनसे ये जानने की कोशिश की गई कि सबसे पहले छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में एडमिट किए जाने की सूचना उन्हें कब मिली थी?

सूचना देने वाला कौन था? उसने कैसे सूचना दी थी? सूचना मिलने के बाद उन्होंने क्या कदम उठाया? फिर उन्होंने चित्रगुप्त नगर थाने को सूचना देने में देर क्यों की?

दरअसल, जब इलाज के लिए छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, तब हॉस्पिटल द्वारा ही उन्हें सूचना दी गई थी। उस वक्त हेमंत झा की पोस्टिंग कदमकुआं थाने में थी। इनसे पहले CBI चित्रगुप्त नगर थाने की महिला सब इंस्पेक्टर रानी कुमारी से इस केस को लेकर पूछताछ कर चुकी है।

सूत्रों की मानें तो बहुत जल्द चित्रगुप्त नगर की थानेदार और इस केस की पहली IO रहीं रौशनी कुमारी से भी CBI की टीम पूछताछ करेगी। क्योंकि, CBI की एक टीम SIT की जांच को भी खंगालने में जुटी है।

CBI की टीम में 1 महिला और 4 पुरुष हैं। मंगलवार को छात्रा के भाई को पूछताछ के लिए टीम अपने साथ ले गई।

CBI की टीम में 1 महिला और 4 पुरुष हैं। मंगलवार को छात्रा के भाई को पूछताछ के लिए टीम अपने साथ ले गई।

अब पढ़िए सांसद पप्पू यादव ने लाइव आकर क्या कहा…

पप्पू यादव बोले- प्रभात मेमोरियल में छात्रा को मारा गया

सांसद पप्पू यादव ने गुरुवार की रात फेसबुक लाइव आकर कहा कि घटना रात 10 बजे के बाद और सुबह 4 बजे के पहले की है। वार्डन और गार्ड इस घटना के मुख्य करता धर्ता हैं। यह घटना बच्ची के बेड के नीचे या 4th फ्लोर पर हुआ है।

सांसद ने SP परिचय कुमार से पूछा- बच्ची के अंडरगार्मेंट्स में लगा स्पर्म कब का था। बच्ची का बलात्कार हुआ है, चाहे जगह जहां भी हो। बच्ची को अस्पताल में लगातार 30 सुई दी गई, ताकि वो मर जाए।

प्रभात मेमोरियल में बच्ची को मारा गया। ICU में उसे ले जाकर मार दिया गया। बिना माता-पिता के परमिशन के बच्ची का प्रेग्नेंसी टेस्ट किया गया, लॉ क्या यही कहता है।

सांसद ने SP और SSP से पूछे कई सवाल

सांसद ने कहा कि बच्ची की ओरिजिनल डायरी CBI को क्यों नहीं दी गई। फोटो कॉपी क्यों दे रहे है। हार्ड डिस्क परिवार को क्यों नहीं दिया गया, परिवार वाले को पूरा सीसीटीवी क्यों नहीं दिखाया। वार्डन नीतू की क्यों गिरफ्तारी नहीं हुई। ये बातें मैं SP और SSP से जानना चाहता हूं।

डॉक्टर सतीश, वॉर्डन, गार्ड, मनीषा रंजन का मोबाइल, इन सभी का कॉल डिटेल्स क्यों नहीं निकाला गया।

पप्पू यादव बोले- नीट छात्रा की मां सुसाइड करने वाली थी

पूर्णिया सांसद ने कहा, ‘मैंने नीट छात्रा का रिजल्ट देखा। उसकी 10th की मार्कशीट में 84%, 12th में 64 प्रतिशत और नीट में 384 नंबर आए थे। लेकिन बच्ची के बारे में कहा जा रहा है कि वो पढ़ने में बेकार थी।

परिवार को दो-दो बार धमकी मिली तो ये लोग कह रहे कि खुद परिवार के लोग ही इसमें लगे हैं। SIT, CBI को मुद्दों से भटकना चाह रही है। बच्ची के परिवार ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल पर केस किया। उसकी मालिक नीलू अग्रवाल और उसका बेटा अंशु अग्रवाल है।

फिर मनीष को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया। नीलू अग्रवाल को जेल क्यों नहीं भेजा गया, वो तो अस्पताल भी गई थी।

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