भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की तैयारी के तहत सोमवार से सीवान में अधिकारियों और कर्मियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई। शहर के संवाद कक्ष, अंबेडकर भवन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी विवेक रं
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प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले दिन जिला पदाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आधार पर सरकार की विभिन्न नीतियां और योजनाएं तैयार की जाती हैं। ऐसे में इसमें शामिल सभी पदाधिकारियों और कर्मियों की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों और कर्मियों से पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की।


बैच में कुल 63 अधिकारी और कर्मी शामिल हुए
सोमवार से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले बैच के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है, जो 9 मार्च से 11 मार्च 2026 तक चलेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित किया जाएगा। पहले बैच में कुल 63 अधिकारी और कर्मी शामिल हुए हैं।
प्रथम बैच में आईटी मैनेजर सीवान, एनआईसी के नेटवर्क अभियंता, जनगणना कोषांग के सभी कर्मी, चार्ज स्तर के सभी लिपिक तथा सभी अस्थायी तकनीकी सहायक चार्ज स्तर के कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशालय स्तर से प्रतिनियुक्त पदाधिकारी द्वारा जनगणना से संबंधित विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 मार्च से 14 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा
इसके बाद दूसरे बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 मार्च से 14 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस बैच में जिले के कई वरीय अधिकारी शामिल होंगे। इनमें अपर समाहर्ता (राजस्व), उप विकास आयुक्त, स्थापना उप समाहर्ता, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी सीवान सदर और महाराजगंज, नजारत उपसमाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी तथा अपर जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा जिले के सभी अपर चार्ज पदाधिकारी और चार्ज पदाधिकारी भी प्रशिक्षण में भाग लेंगे। साथ ही अंचल पदाधिकारी सीवान सदर, हसनपुरा, दरौली, गोरियाकोठी, सिसवन, भगवानपुरहाट और महाराजगंज को भी इस प्रशिक्षण में शामिल किया गया है।




