Thursday, May 28, 2026

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अंदरूनी तनाव आया सामने…:सोशल मीडिया ग्रुप में यूनिवर्सिटी की पत्रिका से शुरू हुई बहस, लॉ डीन के इस्तीफे पर खत्म


न्यूज लेटर और कार्यशैली पर रामचरित मानस व महाभारत के प्रसंग के साथ सदस्यों ने रखे विचार, रांची यूनिवर्सिटी का अंदरूनी तनाव अब खुलकर सामने आ गया है। डीन और विभागाध्यक्षों के आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप में विश्वविद्यालय का न्यूज लेटर, प्रकाशित खबरों और कार्यशैली को लेकर मंगलवार को बहस शुरू होती है। इसमें वीसी प्रो. सरोज शर्मा समेत कई वरीय शिक्षक अपने विचार रख रहे हैं। बहस इतनी तीखी हो गई कि कानून के डीन डॉ. पंकज चतुर्वेदी अपने पद से इस्तीफा दे देते हैं। हालांकि डॉ. चतुर्वेदी ने अपने त्यागपत्र में अपरिहार्य कारण और लंबे समय से पद पर बने रहने को वजह बताया। लेकिन इस ग्रुप के कई सदस्य एचओडी कहना है कि सोशल मीडिया ग्रुप में हुए विवाद के चलते लॉ डीन ने इस्तीफा दिया है। ऐसे हुई बहस की शुरुआत
सोशल मीडिया ग्रुप पर बहस की शुरुआत विवि द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले न्यूज लेटर से होती है, जिसका विमोचन एक दिन पहले वीसी प्रो. सरोज शर्मा द्वारा किया गया था। ग्रुप में एक सदस्य कह रहे हैं कि न्यूज लेटर का प्रकाशन नैक मूल्यांकन के समय किया गया था। इसके बाद इस पत्रिका का प्रकाशन बंद है। इस पत्रिका का विमोचन वीसी को गलत जानकारी देकर की गई है। इसके माध्यम से गुमराह करने और प्रभावित करने की कोशिश की गई है। ‘विश्वविद्यालय भय और प्रतिबंध से नहीं चलता’
ग्रुप में एक सदस्य की टिप्पणी थी कि कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन मानना विवि के अकादमिक माहौल के अनुकूल नहीं है। विवि की आत्मा विचारों की स्वतंत्रता और संवाद की संस्कृति में बसती है। विवि भय और प्रतिबंध से नहीं, बल्कि विश्वास, संवाद और सम्मान से चलता है। शिक्षक समाज का आत्मसम्मान सुरक्षित रहेगा, तभी विवि की गरिमा भी सुरक्षित रह पाएगी। गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए यह संकेत भी दिया कि भय या लाभ की आशा से हित की बात न कहने की प्रवृत्ति संस्थानों को नुकसान पहुंचाती है। बढ़ते विवाद पर कुलपति का हस्तक्षेप… ‘कुछ बातें अश्वत्थामा मारा गया जैसी’
ग्रुप में बढ़ते विवाद पर वीसी ने हस्तक्षेप किया। ग्रुप में लिखा- कुछ बातें ‘अश्वत्थामा मारा गया’ जैसी होती हैं चतुर्वेदी जी। शिक्षकों के लिए यहां नहीं लिखा गया। मीडिया पर्सन तथ्यों को तोड़- मरोड़ कर प्रस्तुत करते हैं, जिससे विवि की छवि खराब होती है। उन्होंने यह भी लिखा कि अगर उनकी बातों से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो वह क्षमा प्रार्थी हैं। बहस के दौरान कई सदस्यों ने ग्रुप छोड़ा, बाद में फिर जुड़ गए
डीन- विभागाध्यक्षों के आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप पर बहस के दौरान कई सदस्यों ने ग्रुप छोड़ा और बाद में जुड़ भी गए। इधर, विवि मुख्यालय में बुधवार से इंट्री को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। आरयू के किसी भी अधिकारी से मिलने के लिए आने वाले सभी लोगों को अपना नाम और मिलने का कारण बताना होगा, उसे रजिस्टर में इंट्री करनी पड़ेगी। इसके बिना अंदर जाने की अनुम​ति नहीं मिलेगी। सिर्फ डीएसडब्ल्यू सेक्शन को अभी तक इस बदलाव से मुक्त रखा गया है।

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