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स्टाफ-अधिकारी आ रहे ऑफिस, काम कुछ नहीं जेपीएससी का संकट वर्तमान में केवल परीक्षाओं के स्थगन या रद्द होने तक सीमित नहीं है। आयोग की पूरी शीर्ष संरचना खाली रहने के कारण एक्टिविटी पूर्ण रूप से ठप है। लेकिन अध्यक्ष और तीनों सदस्यों का ई-मेल आइडी वेबसाइट पर एक्टिव है। ऑफिस में चिट्ठी-पत्री का काम चल रहा है। लेकिन परीक्षा, इंटरव्यू पर फैसले लेनेवाला आयोग खाली है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफा के बाद से आयोग की गतिविधियां लगभग बंद हो गई थी। आयोग अध्यक्ष के इस्तीफा देने के बाद से सिर्फ तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें परीक्षाएं स्थगित, सीआईडी को 14वीं जेपीएससी के अभ्यर्थियों की ओएमआर कॉपी भेजने और फॉरेस्टर रेंज अफसर का फिजिकल टेस्ट की परीक्षा स्थगित करने का नोटिफिकेशन शामिल है। इस बीच 9 अगस्त को आयोग के तीनों सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने सामूहिक इस्तीफा भी स्वीकार हो गया। आयोग में शीर्ष पद खाली होने के बावजूद कार्यालय का नियमित प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सचिव- श्याम नारायण राम, उप सचिव – राकेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक- रुद्र प्रताप, उप परीक्षा नियंत्रक- सुधीर कुमार इसके अलावे दर्जनों कर्मचारी यानी फाइल, पत्राचार, रिकॉर्ड और कार्यालय संबंधी कामकाज का ढांचा मौजूद है, लेकिन आयोग के संवैधानिक स्तर पर लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शीर्ष संरचना खाली है। संकट की अलग तस्वीर बता रही वेबसाइट जेपीएससी की वेबसाइट की मौजूदा स्थिति भी आयोग के संकट की अलग तस्वीर दिखाती है। सार्वजनिक वेबसाइट पर अध्यक्ष और सदस्यों के नाम दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन संबंधित ई-मेल आईडी अभी हैं। यानी तकनीकी स्तर पर अध्यक्ष के नाम से ई-मेल भेजने का विकल्प दिखाई देता है। इसी तरह सदस्य-1, सदस्य-2 और सदस्य-3 से संबंधित ई-मेल व्यवस्था भी सक्रिय है।
अध्यक्ष व सदस्य नियुक्त होंगे तभी होगा काम:जेपीएससी; शीर्ष सभी पद खाली, पर ई-मेल एक्टिव
