हथियार के साथ डांस के वायरल वीडियो मामले में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह की जमानत याचिका पर आज एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में एक उपनयन संस्कार के दौरान हुए घटना से जुड़ा है। इस महत्वपूर्ण सुनवाई के लिए न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधायक की ओर से पैरवी के लिए पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित गोपालगंज पहुंचे हैं। वे आज अदालत के समक्ष जमानत याचिका के समर्थन में दलीलें पेश करेंगे। वकील महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रखेंगे दलीलें अधिवक्ता नरेश दीक्षित कोर्ट के सामने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी दलीलें रख सकते हैं। बचाव पक्ष का तर्क होगा कि यह वीडियो राजनीतिक विद्वेष और छवि खराब करने के उद्देश्य से विरोधियों द्वारा जानबूझकर वायरल किया गया है। उनकी दलील होगी कि बिना ठोस सबूत के सीधे जेल भेजना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट को यह आश्वासन भी दिया जाएगा कि आरोपी अदालत के सभी नियमों का पालन करने और पुलिस अनुसंधान में पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। इस मामले पर न केवल गोपालगंज बल्कि पूरे बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की निगाहें टिकी हुई हैं। कोर्ट आज दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा।
अनंत सिंह की जमानत याचिका पर आज सुनवाई:हथियार के साथ डांस का वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई, पटना हाई कोर्ट के वकील करेंगे दलीलें पेश
हथियार के साथ डांस के वायरल वीडियो मामले में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह की जमानत याचिका पर आज एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में एक उपनयन संस्कार के दौरान हुए घटना से जुड़ा है। इस महत्वपूर्ण सुनवाई के लिए न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विधायक की ओर से पैरवी के लिए पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित गोपालगंज पहुंचे हैं। वे आज अदालत के समक्ष जमानत याचिका के समर्थन में दलीलें पेश करेंगे। वकील महत्वपूर्ण बिंदुओं पर रखेंगे दलीलें अधिवक्ता नरेश दीक्षित कोर्ट के सामने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी दलीलें रख सकते हैं। बचाव पक्ष का तर्क होगा कि यह वीडियो राजनीतिक विद्वेष और छवि खराब करने के उद्देश्य से विरोधियों द्वारा जानबूझकर वायरल किया गया है। उनकी दलील होगी कि बिना ठोस सबूत के सीधे जेल भेजना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट को यह आश्वासन भी दिया जाएगा कि आरोपी अदालत के सभी नियमों का पालन करने और पुलिस अनुसंधान में पूरी तरह सहयोग करने के लिए तैयार हैं, इसलिए उन्हें जमानत दी जाए। इस मामले पर न केवल गोपालगंज बल्कि पूरे बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की निगाहें टिकी हुई हैं। कोर्ट आज दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा।

