कोतवाली पुलिस ने सीसीएल में क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। आरोपी सुजीत कुमार सिन्हा बिहार के बख्तियारपुर का रहने वाला है। फिलहाल वह कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे में घर बनाकर रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि सुजीत पिछले तीन वर्षों में 60 से अधिक लोगों को निशाना बना चुका है। उसने उनसे लगभग दो करोड़ रुपए की ठगी की। आरोपी ने 11 अभ्यर्थियों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया था। कोतवाली थाना पहुंचे पीड़ित अभ्यर्थियों ने दैनिक भास्कर को बताया कि आरोपी भरोसा जीतने के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू भी कराता था। पीड़िता रिमझिम ने बताया कि मई में उसे इंटरव्यू के लिए दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल के कॉन्फ्रेंस हॉल में बुलाया गया था। इंटरव्यू के दौरान सुजीत कैंटीन में बैठा रहा, जबकि कॉन्फ्रेंस हॉल में एक अन्य व्यक्ति ने उसका इंटरव्यू लिया। टेबल पर शिव शंकर चंद्रा के नाम की नेम प्लेट लगी थी। इससे उसे विश्वास हो गया कि इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति सीसीएल का अधिकारी है। जब ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला तो पीड़ितों को संदेह हुआ। पैसा वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। 15 अभ्यर्थियों का पुलिस ने दर्ज किया बयान सुजीत कुमार सिन्हा के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद 15 पीड़ित अभ्यर्थी मंगलवार को कोतवाली थाना पहुंचे। पुलिस के समक्ष सभी ने खुद के साथ हुई ठगी की जानकारी दी। पुलिस ने सभी पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया है। इन 15 अभ्यर्थियों से 18 लाख रुपए लिए जाने की बात आरोपी ठग ने कबूली है। रांची से नासिक तक फैला रखा था ठगी का जाल पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने ठगी का नेटवर्क रांची से लेकर नासिक तक फैला रखा था। इस गिरोह में उसके साथ कई अन्य लोग भी शामिल हैं। हालांकि वे फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जांच के अनुसार, सुजीत विभिन्न स्थानों पर लोगों से मिलकर सीसीएल अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करता था। वह नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसने नासिक में अपना एक कार्यालय भी खोल रखा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जेवर व जमीन बेचकर अभ्यर्थियों ने दिए पैसे पीड़ितों ने बताया कि ठग किसी से 2 लाख तो किसी से 3 लाख तक ले चुका है। नौकरी लगने पर 10 लाख तक खर्च होने की बात कही थी। किसी ने जेवर तो किसी ने जमीन बेचकर पैसे दिए हैं। पीड़ित सचिन गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने बेटी को नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। 2 लाख कर्ज लेकर दे दिए। नौकरी भी नहीं लगी और अब पैसा भी नहीं दे रहा। पीड़ित अमित कुमार महतो ने बताया कि पत्नी बीएड की पढ़ाई कर रही थी। 2 साल पहले आरोपी ने संपर्क कर सीसीएल में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्नी को बीच में ही बीएड की पढ़ाई छुड़वा दी। पढ़ाई भी पूरी नहीं करा पाए और नौकरी भी नहीं लगी। जेवर बेचकर 2 लाख दिए जो अब आरोपी वापस देने को तैयार नहीं है। पूरा परिवार परेशान हो गया है।
अभ्यर्थियों ने पैसे वापस मांगे तो बनाए बहाने:सीसीएल में जॉब के नाम पर 60 लोगों से 2 करोड़ की ठगी, 12 को फर्जी नियुक्ति पत्र
कोतवाली पुलिस ने सीसीएल में क्लर्क के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। आरोपी सुजीत कुमार सिन्हा बिहार के बख्तियारपुर का रहने वाला है। फिलहाल वह कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे में घर बनाकर रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि सुजीत पिछले तीन वर्षों में 60 से अधिक लोगों को निशाना बना चुका है। उसने उनसे लगभग दो करोड़ रुपए की ठगी की। आरोपी ने 11 अभ्यर्थियों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी दिया था। कोतवाली थाना पहुंचे पीड़ित अभ्यर्थियों ने दैनिक भास्कर को बताया कि आरोपी भरोसा जीतने के लिए अभ्यर्थियों का इंटरव्यू भी कराता था। पीड़िता रिमझिम ने बताया कि मई में उसे इंटरव्यू के लिए दरभंगा हाउस स्थित सीसीएल के कॉन्फ्रेंस हॉल में बुलाया गया था। इंटरव्यू के दौरान सुजीत कैंटीन में बैठा रहा, जबकि कॉन्फ्रेंस हॉल में एक अन्य व्यक्ति ने उसका इंटरव्यू लिया। टेबल पर शिव शंकर चंद्रा के नाम की नेम प्लेट लगी थी। इससे उसे विश्वास हो गया कि इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति सीसीएल का अधिकारी है। जब ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला तो पीड़ितों को संदेह हुआ। पैसा वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करने लगा। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। 15 अभ्यर्थियों का पुलिस ने दर्ज किया बयान सुजीत कुमार सिन्हा के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद 15 पीड़ित अभ्यर्थी मंगलवार को कोतवाली थाना पहुंचे। पुलिस के समक्ष सभी ने खुद के साथ हुई ठगी की जानकारी दी। पुलिस ने सभी पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया है। इन 15 अभ्यर्थियों से 18 लाख रुपए लिए जाने की बात आरोपी ठग ने कबूली है। रांची से नासिक तक फैला रखा था ठगी का जाल पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने ठगी का नेटवर्क रांची से लेकर नासिक तक फैला रखा था। इस गिरोह में उसके साथ कई अन्य लोग भी शामिल हैं। हालांकि वे फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। जांच के अनुसार, सुजीत विभिन्न स्थानों पर लोगों से मिलकर सीसीएल अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करता था। वह नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसने नासिक में अपना एक कार्यालय भी खोल रखा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जेवर व जमीन बेचकर अभ्यर्थियों ने दिए पैसे पीड़ितों ने बताया कि ठग किसी से 2 लाख तो किसी से 3 लाख तक ले चुका है। नौकरी लगने पर 10 लाख तक खर्च होने की बात कही थी। किसी ने जेवर तो किसी ने जमीन बेचकर पैसे दिए हैं। पीड़ित सचिन गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने बेटी को नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। 2 लाख कर्ज लेकर दे दिए। नौकरी भी नहीं लगी और अब पैसा भी नहीं दे रहा। पीड़ित अमित कुमार महतो ने बताया कि पत्नी बीएड की पढ़ाई कर रही थी। 2 साल पहले आरोपी ने संपर्क कर सीसीएल में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्नी को बीच में ही बीएड की पढ़ाई छुड़वा दी। पढ़ाई भी पूरी नहीं करा पाए और नौकरी भी नहीं लगी। जेवर बेचकर 2 लाख दिए जो अब आरोपी वापस देने को तैयार नहीं है। पूरा परिवार परेशान हो गया है।


