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केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अररिया कोर्ट रेलवे स्टेशन को विकसित किया जा रहा है, लेकिन यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बने शौचालय में अक्सर ताला बंद रहने की शिकायत है। इससे खासकर महिला यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार देर रात स्टेशन पर शौचालय बंद रहने के कारण तीन-चार महिलाओं को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ा। दरअसल, दुर्गा पूजा के अवसर पर स्टेशन परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। सोमवार रात प्रतिमा के दर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी थी। वहीं, कई यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों को शौचालय जाने की जरूरत हुई। जब तीन-चार महिलाएं प्लेटफॉर्म पर बने शौचालय के पास पहुंचीं, तो वहां ताला लगा मिला। काफी परेशानी के बाद उन्हें खुले में शौच करना पड़ा। स्टेशन का विकास, लेकिन बुनियादी सुविधा पर सवाल अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाना और उन्हें आधुनिक स्वरूप देना है। ऐसे में शौचालय जैसी जरूरी सुविधा का बंद रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यात्रियों को स्वच्छ और सुलभ शौचालय उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। सुविधा बंद रहने से महिला यात्रियों को विशेष रूप से असुविधा होती है और उनकी गरिमा व स्वच्छता भी प्रभावित होती है। सुरक्षा की निगरानी, सुविधा की नियमितता पर सवाल दुर्गा पूजा के दौरान स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए आरपीएफ के जवान और इंस्पेक्टर विजय कुमार विश्वास पूरी रात जायजा लेते नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच शौचालय बंद रहने की समस्या सामने आने से यात्री सुविधाओं की नियमित निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। अब सवाल यह है कि स्टेशन के विकास के साथ यात्रियों की बुनियादी सुविधाओं को नियमित रूप से चालू रखने की व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित की जा रही है। रेलवे प्रशासन को शौचालय खोलने, उसकी साफ-सफाई और नियमित निगरानी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि यात्रियों, खासकर महिलाओं को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
अमृत भारत स्टेशन पर शौचालय में ताला:अररिया में महिलाओं को खुले में शौच के लिए होना पड़ा मजबूर, बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
