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अररिया एसपी के निर्देश पर जिले में एक व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत अररिया पुलिस की टीमों ने विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने विद्यार्थियों को जन सेवाओं, नागरिकों के दायित्वों, कर्तव्यों और मानवाधिकारों के बारे में बताया। जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया उन्हें कानून के प्रति जागरूक रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। साथ ही, युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई। पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी जागरूक किया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अपराधों की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। डायल-112 की उपयोगिता पर भी विस्तार से जानकारी कार्यक्रम में आपातकालीन पुलिस सेवा डायल-112 की उपयोगिता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना, अपराध या सहायता की आवश्यकता होने पर डायल-112 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए। ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने से बचने और डिजिटल भुगतान से जुड़े सुरक्षा उपायों पर विशेष चर्चा हुई। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी प्रदान की गई। बिना किसी संकोच पुलिस से संपर्क करने की सलाह छात्राओं को अभया ब्रिगेड की भूमिका और महिला सुरक्षा से संबंधित सुविधाओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या हिंसा की घटना होने पर बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और व्यावहारिक तरीके से जवाब दिया। अररिया पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जन जागरूकता अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं में कानून के प्रति विश्वास बढ़े और वे सुरक्षित, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।


