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अररिया में कोसी नदी में डूबने से एक 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई। मजगामा वार्ड संख्या दो के दियारी इलाके में गुरुवार को नहाने गए बालक अब्दुल्लाह का शव शुक्रवार को 18 घंटे बाद बरामद किया गया। एनडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव निकाला गया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद कुमार ने बताया कि गुरुवार को कुछ बच्चे मवेशी चराने गए थे। खेल-खेल में चार बच्चे कोसी नदी में नहाने चले गए। गहरे पानी में उतरते ही वे डूबने लगे। अन्य साथी बच्चों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने तीन बच्चों को बचा लिया, लेकिन 10 वर्षीय अब्दुल्लाह गहरे पानी में समा गया और लापता हो गया। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ टीम को दी गई। पूरी रात और शुक्रवार सुबह तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद बालक का शव बरामद किया जा सका। शव बरामद होते ही मृतक अब्दुल्लाह के पिता मोहम्मद रब्बानी और अन्य परिजन बिलख पड़े। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। नगर थाना पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उल्लेखनीय है कि अररिया जिले में हर साल मानसून के मौसम में नदी-नहरों में डूबने की घटनाएं आम हो जाती हैं। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां बच्चे मवेशी चराने या खेलने के बहाने नदी किनारे जाते हैं, वहां यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद कुमार ने इस घटना को लेकर गहरी चिंता जताते हुए कहा, “बरसात का मौसम चल रहा है। कोसी का पानी उफान पर है। नदी, नहर और जल भराव वाले इलाकों से बच्चों को दूर रखना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। छोटी-छोटी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए और लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित कैंप लगाए जाएं।
