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पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों का आक्रोश बढ़ रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को अररिया स्टूडेंट फ्रंट से जुड़े छात्र-युवाओं ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की। यह विरोध मार्च जीरोमाइल कोसी पुल से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरा और कचहरी स्थित नेताजी सुभाष प्रतिमा स्थल पहुंचा। इसके बाद छात्र समाहरणालय परिसर के धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, और पूरे मार्च के दौरान सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही। अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे फैसल जावेद यासीन ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है। उन्होंने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताया। यासीन ने यह भी कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्टूडेंट फ्रंट के अध्यक्ष शाहजहां आलम ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उनकी मांगों में सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई, भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाना और रद्द परीक्षाओं का जल्द आयोजन शामिल है। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों और शामिल पुलिसकर्मियों का तत्काल निलंबन, गिरफ्तार सभी छात्रों की बिना शर्त रिहाई और घायल छात्रों का मुफ्त इलाज भी शामिल है। इस विरोध मार्च में स्टूडेंट्स यूनियन के उपाध्यक्ष शाहजहां आलम, स्टूडेंट फ्रंट के उपाध्यक्ष बेलाल अहमद, महासचिव ओम प्रकाश राय, सचिव नफ़े पठान, उप सचिव सादिक अली, प्रवक्ता इमरान और शाहबाज आलम सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे, और संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों के अधिकारों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।


