अररिया में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, विकास, आपदा प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए स्थानीय इंटेलिजेंस एजेंसी (LIA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सीमा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी एजेंसियों के बीच एक मजबूत सूचना साझाकरण तंत्र विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करना है। सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान जिला पदाधिकारी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के माध्यम से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘नो मैंस लैंड’ के समानांतर सौर ऊर्जा पैनल स्थापित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे सीमावर्ती गांवों में सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र के खेल स्टेडियम के उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई। SSB और अन्य एजेंसियों के सहयोग से यहां युवाओं को खेल, योग एवं शारीरिक प्रशिक्षण से जोड़ने का निर्णय लिया गया, ताकि क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सकें। UPI आधारित प्रणाली के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI आधारित प्रणाली के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। साथ ही, जोगबनी और फारबिसगंज में बैंकों द्वारा मुद्रा विनिमय सुविधा की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई। आपदा प्रबंधन के लिए SSB से प्रशिक्षित गोताखोरों और बचाव संसाधनों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, ताकि आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित हो सके। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सभी एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया। बैठक में जिलाधिकारी अररिया विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक अररिया जीतेंद्र कुमार, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल तथा विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अररिया में लोकल इंटेलिजेंस एजेंसी की मीटिंग:बॉर्डर सिक्योरिटी, डेवलपमेंट पर जॉइंट एक्शन; डिजिटल सिस्टम पर फोकस
अररिया में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, विकास, आपदा प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए स्थानीय इंटेलिजेंस एजेंसी (LIA) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल (SSB) और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सीमा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी एजेंसियों के बीच एक मजबूत सूचना साझाकरण तंत्र विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की रियल टाइम निगरानी सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई करना है। सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान जिला पदाधिकारी ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमावर्ती गांवों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के माध्यम से पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे स्थानीय किसानों की आय में वृद्धि होगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘नो मैंस लैंड’ के समानांतर सौर ऊर्जा पैनल स्थापित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे सीमावर्ती गांवों में सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र के खेल स्टेडियम के उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई। SSB और अन्य एजेंसियों के सहयोग से यहां युवाओं को खेल, योग एवं शारीरिक प्रशिक्षण से जोड़ने का निर्णय लिया गया, ताकि क्षेत्रीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल सकें। UPI आधारित प्रणाली के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI आधारित प्रणाली के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। साथ ही, जोगबनी और फारबिसगंज में बैंकों द्वारा मुद्रा विनिमय सुविधा की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई। आपदा प्रबंधन के लिए SSB से प्रशिक्षित गोताखोरों और बचाव संसाधनों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, ताकि आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित हो सके। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए सभी एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया। बैठक में जिलाधिकारी अररिया विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक अररिया जीतेंद्र कुमार, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल तथा विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।


