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अररिया के फणीश्वर नाथ रेणु अभियंत्रण महाविद्यालय, फारबिसगंज में शुक्रवार को “पिच डेक की तैयारी” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला बिहार सरकार की स्टार्ट-अप नीति-2022 के तहत युवाओं और विद्यार्थियों में उद्यमिता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसका संयुक्त आयोजन जिला उद्योग केंद्र, अररिया और महाविद्यालय ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल और महाविद्यालय के प्राचार्य असीम कुमार ठाकुर ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल ने विद्यार्थियों को बताया कि एक सफल स्टार्ट-अप की शुरुआत स्थानीय समस्याओं और चुनौतियों की पहचान से होती है। स्टार्ट-अप इकोसिस्टम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी उन्होंने नवाचार को तकनीक और नए विचारों के माध्यम से समस्याओं का समाधान बताया। मंडल ने छात्रों को अपने आसपास की समस्याओं के तकनीकी और व्यावहारिक समाधान विकसित कर उन्हें स्टार्ट-अप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। महाप्रबंधक ने बिहार स्टार्ट-अप नीति-2022 के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत चयनित स्टार्ट-अप को 10 वर्षों के लिए 25 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। इसमें पहले चरण में 10 लाख रुपये सीड मनी के रूप में दिए जाते हैं, जबकि शेष 15 लाख रुपये एंजेल इन्वेस्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रावधान है। यह योजना युवाओं को उनके नवाचारों को सफल व्यवसाय में बदलने का अवसर देती है। महाविद्यालय के प्राचार्य असीम कुमार ठाकुर ने विद्यार्थियों को नए विचारों के विकास, उद्यमिता की संभावनाओं और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विचारों को व्यावहारिक रूप देने का आह्वान किया सहायक वाणिज्यकर आयुक्त हिमांशु शेखर ने इस बात पर जोर दिया कि सूचना, डेटा और तकनीक का सही उपयोग करके स्थानीय समस्याओं का समाधान तैयार करना ही सफल स्टार्ट-अप की पहचान है। उन्होंने छात्रों से अपने विचारों को केवल कल्पना तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक रूप देने का आह्वान किया। कार्यशाला के दौरान, विद्यार्थियों को प्रभावी पिच डेक तैयार करने के तरीके सिखाए गए। उन्हें अपने स्टार्ट-अप आइडिया को निवेशकों के सामने आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने, समस्या, समाधान, तकनीक और संभावित बिजनेस मॉडल को व्यवस्थित रूप से पेश करने की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक अभिषेक कुमार अशु, मिथिलेश कुमार, स्टार्ट-अप सेल की फैकल्टी-इन-चार्ज स्वीटी कुमारी, महाविद्यालय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
