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बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा अररिया जिले के 17 निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा के पांचवें दिन, प्रथम पाली में कुल 2775 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि द्वितीय पाली में 2772 परीक्षार्थी शामिल हुए। प्रथम पाली में 3681 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, वहीं द्वितीय पाली में 3684 अभ्यर्थी शामिल नहीं हुए। इस प्रकार, दोनों पालियों में उपस्थिति दर अपेक्षाकृत कम रही, जिससे कुल अनुपस्थिति की संख्या काफी अधिक दर्ज की गई। यह परीक्षा 14 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 21 अप्रैल 2026 तक विभिन्न चरणों में आयोजित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी के पदों पर भर्ती करना है। राज्यभर में हजारों अभ्यर्थी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। जिलाधिकारी अररिया ने सभी संबंधित अधिकारियों को परीक्षा को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस बल और अधिकारी रहे सक्रिय परीक्षा के सफल आयोजन में केंद्राधीक्षकों, स्टैटिक दंडाधिकारी-सह-प्रेक्षकों, जोनल दंडाधिकारी-सह-गश्ती दल दंडाधिकारियों, उड़नदस्ता टीमों, अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस बल और अन्य अधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधि पर कड़ी नजर रखी गई। प्रशासन ने अभ्यर्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं, जिसमें समय पर प्रवेश और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन शामिल है। अररिया जिले में कुल लगभग 19 हजार परीक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन कई दिनों में अनुपस्थिति दर काफी अधिक देखी गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को परीक्षा के शेष दिनों में भी सतर्कता बरतने और निष्पक्षता बनाए रखने का निर्देश दिया है। यह परीक्षा बिहार में शिक्षा क्षेत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

