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मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखंड की संतनगर पंचायत में शनिवार शाम को अवैध उगाही के आरोप में दो आवास सहायकों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने दोनों सहायकों को पंचायत सरकार भवन के एक कमरे में बंद कर दिया। सूचना मिलने पर भैरवस्थान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ के बीच से उन्हें निकालकर थाने ले गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर संतनगर पंचायत में राशि वसूली की जा रही थी। आवास सहायक प्रमोद कुमार महतो और पूर्व आवास सहायक राजकुमार मुखिया पर गांव में घूम-घूमकर लोगों से नाम जोड़ने के लिए 700 से 1000 रुपये मांगने का आरोप है। 10 प्रतिशत का नाम ही दोबारा जोड़ा जाएगा मुखिया आरती देवी के ससुर रामदेव प्रसाद ने बताया कि आवास सहायक ने कहा था कि 800 लोगों की सूची में से केवल 10 प्रतिशत का नाम ही दोबारा जोड़ा जाएगा, जिसके लिए प्रति व्यक्ति 700 रुपये जमा करने को कहा गया। नाम कटने और रुपए मांगने की खबर पूरे गांव में फैलते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पहले राजकुमार मुखिया वसूली करते थे और अब उनके इशारे पर नए आवास सहायक प्रमोद महतो के माध्यम से राशि ली जा रही थी। इस मामले को लेकर 23 ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन भैरवस्थान थाना प्रभारी को सौंपा है। स्थानीय लोगों पर मारपीट करने का आरोप थाना पहुंचने के बाद दोनों आवास सहायकों ने कुछ स्थानीय लोगों पर सुनियोजित तरीके से मारपीट करने का आरोप लगाया है। आवास सहायक संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुजीत कुमार झा भी थाने पहुंचे और प्रशासन से सहायकों की सुरक्षा की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संघ कार्य बहिष्कार पर विचार करेगा। घटना की सूचना मिलते ही बीडीओ पंकज दीक्षित भी थाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि किसी आवास सहायक द्वारा अवैध राशि लेने का प्रमाण मिलता है, तो जांच के बाद बर्खास्तगी की अनुशंसा की जाएगी। थानाध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि संतनगर के 23 लोगों का हस्ताक्षरयुक्त आवेदन प्राप्त हुआ है, जबकि आवास सहायकों की ओर से अभी औपचारिक आवेदन नहीं मिला है।
अवैध उगाही के आरोप में 2 आवास सहायक बने बंधक:पंचायत भवन में ग्रामीणों ने घेरा, पुलिस ने बचाया; स्थानीय लोगों पर मारपीट का आरोप
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