राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह बांका जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में रविवार की संध्या बांका समाहरणालय सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (डीपीआईसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद संभावित सुखाड़-2026 की तैयारियों को लेकर भी अलग से समीक्षात्मक बैठक कर संबंधित विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया। जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए बैठक में सांसद गिरधारी यादव, बांका विधायक राम नारायण मंडल, धोरैया विधायक मनीष कुमार, कटोरिया विधायक पूरनलाल टुडू, अमरपुर विधायक जयंत राज कुशवाहा, बेलहर विधायक मनोज यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार, उप विकास आयुक्त तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। डीपीआईसी की बैठक में खनन, पथ निर्माण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क, पेयजल, बिजली, आधारभूत संरचना और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित शिकायतों पर विशेष रूप से चर्चा हुई बैठक के दौरान अवैध खनन और उससे संबंधित शिकायतों पर विशेष रूप से चर्चा हुई ।अंचल स्तर से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त टीम गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन एवं अन्य अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए। बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।इस पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगली जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक से पहले सभी विभाग लंबित मामलों की कार्रवाई पूरी कर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई बैठक के अंत में जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने भरोसा दिलाया कि प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके। इसके उपरांत संभावित सुखाड़-2026 को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि पेयजल, सिंचाई, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, विद्युत, नगर निकाय, आपदा प्रबंधन तथा ग्रामीण विकास विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया है तथा सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी की गई बैठक में बताया गया कि जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए खराब चापाकलों की मरम्मत, नए चापाकलों की स्थापना, जलमीनारों का संचालन तथा हर घर नल-जल योजना के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। नगर निकायों द्वारा जरूरत पड़ने पर अस्थायी प्याऊ, स्टैंड पोस्ट और टैंकर के माध्यम से भी पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। कृषि विभाग ने जानकारी दी कि संभावित सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक फसलों की सूची तैयार कर किसानों को तकनीकी सलाह दी जा रही है। वहीं सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, सरकारी नलकूपों के संचालन और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिला एवं प्रखंड स्तर पर मेडिकल टीमों का गठन किया गया है तथा अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पशुपालन विभाग ने पशु चिकित्सा दल, दवाओं और पशु चारे की उपलब्धता की जानकारी दी। वहीं विद्युत विभाग ने निर्बाध बिजली आपूर्ति और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था से अवगत कराया। साथ ही जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने और सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया गया। प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि संभावित सुखाड़ की किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन, मानवबल और व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग सतर्कता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
अवैध खनन पर सख्ती, जांच टीम गठित करने का निर्देश:बांका में मंत्री दिलीप जायसवाल ने डेवलपमेंट स्कीम की रिव्यु की, सुखाड़ तैयारियों का जायजा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह बांका जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में रविवार की संध्या बांका समाहरणालय सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (डीपीआईसी) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद संभावित सुखाड़-2026 की तैयारियों को लेकर भी अलग से समीक्षात्मक बैठक कर संबंधित विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया। जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए बैठक में सांसद गिरधारी यादव, बांका विधायक राम नारायण मंडल, धोरैया विधायक मनीष कुमार, कटोरिया विधायक पूरनलाल टुडू, अमरपुर विधायक जयंत राज कुशवाहा, बेलहर विधायक मनोज यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार, उप विकास आयुक्त तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। डीपीआईसी की बैठक में खनन, पथ निर्माण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़क, पेयजल, बिजली, आधारभूत संरचना और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित शिकायतों पर विशेष रूप से चर्चा हुई बैठक के दौरान अवैध खनन और उससे संबंधित शिकायतों पर विशेष रूप से चर्चा हुई ।अंचल स्तर से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त टीम गठित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन एवं अन्य अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा न जाए। बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।इस पर प्रभारी मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अगली जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक से पहले सभी विभाग लंबित मामलों की कार्रवाई पूरी कर अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई बैठक के अंत में जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने भरोसा दिलाया कि प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके। इसके उपरांत संभावित सुखाड़-2026 को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि पेयजल, सिंचाई, कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, विद्युत, नगर निकाय, आपदा प्रबंधन तथा ग्रामीण विकास विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया है तथा सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी की गई बैठक में बताया गया कि जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए खराब चापाकलों की मरम्मत, नए चापाकलों की स्थापना, जलमीनारों का संचालन तथा हर घर नल-जल योजना के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। नगर निकायों द्वारा जरूरत पड़ने पर अस्थायी प्याऊ, स्टैंड पोस्ट और टैंकर के माध्यम से भी पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। कृषि विभाग ने जानकारी दी कि संभावित सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक फसलों की सूची तैयार कर किसानों को तकनीकी सलाह दी जा रही है। वहीं सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, सरकारी नलकूपों के संचालन और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जिला एवं प्रखंड स्तर पर मेडिकल टीमों का गठन किया गया है तथा अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। पशुपालन विभाग ने पशु चिकित्सा दल, दवाओं और पशु चारे की उपलब्धता की जानकारी दी। वहीं विद्युत विभाग ने निर्बाध बिजली आपूर्ति और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष की व्यवस्था से अवगत कराया। साथ ही जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने और सभी विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया गया। प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि संभावित सुखाड़ की किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन, मानवबल और व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखें। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग सतर्कता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।


