सिटी रिपोर्टर|गोविंदपुर गोविंदपुर प्रखंड के इंदिरा नगर गांव के समीप तेज आंधी-तूफान के दौरान देश का राष्ट्रीय पक्षी मोर दिखाई देने से इलाके में कौतूहल का माहौल बन गया। मोर को देखते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उसे पकड़ने के लिए दौड़ पड़े। हालांकि काफी देर तक प्रयास के बाद भी लोग उसे पकड़ नहीं सके। बाद में ग्रामीणों ने उसकी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती, ताकि वह आवारा कुत्तों या अन्य खतरों से सुरक्षित रह सके।जानकारी के अनुसार स्थानीय समाजसेवियों ने काफी मशक्कत के बाद मोर को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे गोविंदपुर थाना पहुंचाकर पुलिस को इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही थाना अध्यक्ष विजय कुमार ने वन विभाग को अवगत कराया। सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मी शैलेंद्र कुमार और रमेश कुमार थाना पहुंचे तथा मोर को अपने कब्जे में लिया। वन विभाग कर्मी रमेश कुमार ने बताया कि विभागीय पदाधिकारियों के निर्देश पर मोर को सुरक्षित घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा, ताकि वह प्राकृतिक वातावरण में रह सके। उन्होंने कहा कि मोर जंगल का प्राणी होने के साथ-साथ देश का राष्ट्रीय पक्षी भी है, जिसकी सुरक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी वन्य जीव या पक्षी के दिखाई देने पर उसे नुकसान न पहुंचाएं, बल्कि सुरक्षित रखने में सहयोग करें और इसकी सूचना वन विभाग या प्रशासन को दें। इधर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जंगलों में लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है और वन विभाग की ओर से पर्याप्त सुरक्षा नहीं किए जाने के कारण जंगल धीरे-धीरे खत्म होते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से हाथी, नीलगाय, सूअर और मोर जैसे जंगली जीव गांवों की ओर भटक कर आ रहे हैं। लोगों ने कहा कि जंगल और वन्य प्राणियों की सुरक्षा करना वन विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन लापरवाही के कारण वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है।


