महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को रोजगार, सामान्य वर्ग के छात्रों को आकाशवृत्ति, शिक्षा के लिए बेहतर फंड और आर्थिक आरक्षण देने के बारे में जो प्रत्याशी सोचेगा, वही हमारा नेता होगा। साथ ही राजनीति में भी…
महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं को रोजगार, सामान्य वर्ग के छात्रों को आकाशवृत्ति, शिक्षा के लिए बेहतर फंड और आर्थिक आरक्षण देने के बारे में जो प्रत्याशी सोचेगा, वही हमारा नेता होगा। साथ ही राजनीति में भी सेवानिवृत्ति की अवधि तय की जानी चाहिए। यह आवाज हिन्दुस्तान अखबार के ‘आओ राजनीति करें’ के तहत गुरुवार को बसंत कन्या महाविद्यालय परिसर में आयोजित ‘छात्राओं से संवाद’ कार्यक्रम में उठी।
छात्राओं ने कहा कि हर वर्ग में नौकरी करने वाले लोगों के लिए सरकार ने सेवानिवृत्ति की अवधि तय की है। वैसे ही राजनीति में भी हो। कहा कि एक बार जीतने के बाद उन्हें जीवन भर पेंशन मिलती है। जबकि कर्मचारी वर्ग जीवनभर सेवा करने के बाद पेंशन पाता है। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए।
उनका कहना था कि हम लोग यहां बाहर से पढ़ने आए हैं। ऐसे में आए दिन छेड़खानी की घटनाएं होती हैं। इस पर सख्ती होनी चाहिए और इस चुनावी मुद्दा बनाया जाना चाहिए। वहीं सरकार में बैठे लोग भी केवल कानून बनाने की बात करते हैं। उसका सख्ती से पालन कराना भी उनका काम है। जिस पर उनका ध्यान नहीं है। कहा महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं को रोजगार देने की बात कहेगा हम उसी को वोट करेंगे। हम किसी धर्म या जाति के आधार पर वोट नहीं करेंगे।
स्वच्छ राजनीति के मुद्दे पर छात्राएं करेंगी वोट
सामान्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। शिक्षा में भेदभाव ठीक नहीं। मेरा वोट उसी को जो इसे अपने मुद्दों में शामिल करेगा।
– मांडवी सिंह, बीए (तृतीय वर्ष)
छेड़खानी की घटनाएं आए दिन होती हैं। लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर अब भी बहुत कुछ होना बाकी है। जो इसे अपने मुद्दो में शामिल करेगा, मैं उसी को वोट दूंगी।
– आकर्षिता सिंह, बीए (प्रथम वर्ष)
युवाओं के रोजगार की बात तो सभी करते हैं। लेकिन महिलाओं के रोजगार की बात कोई नहीं करता। इस बार मैं उसी को वोट दूंगी, जो महिलाओं को रोजगार देने की बात करेगा।
– अवनी गौतम, बीए (तृतीय वर्ष)
महिला सुरक्षा और रोजगार तो जरूरी है ही, लेकिन गरीबी पर आजकल बातें कम हो गई हैं। गरीबी को जो मुद्दा बनाकर वोट मांगेगा हम उसे ही वोट करेंगे।
– नगमा बीए (तृतीय वर्ष)
जनसंख्या पर बातें बंद हो गई हैं। यह हर जाति और धर्म का विषय है। क्योंकि यह भारत का विषय है। हम उसे ही वोट देंगे, जो इस मुद्दे पर कुछ ठोस करना चाहता हो।
– सुरभि तिवारी, बीए (तृतीय वर्ष)
जातिगत आरक्षण खत्म कर आर्थिक आरक्षण लागू होना चाहिए। यहां धर्म-जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। मैं उसे ही वोट दूंगी जो इसे अपने मुद्दों में शामिल करेगा।
– ज्योति पांडेय, बीए (प्रथम वर्ष)
जाति-धर्म के आधार पर वोट मांगने वालों पर सख्ती बरतनी चाहिए। चुनाव के समय हमें बस वोट बैंक समझा जाता है। विकास की बात करने वाले को मेरा वोट मिलेगा।
– सना खान, बीए (प्रथम वर्ष)
साइबर क्राइम को लेकर सख्त कानून अब तक नहीं बना है। इसे लेकर महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। मेरा वोट उसी को जाएगा, जो सख्त साइबर कानून की बात करेगा।
– ज्योति झा, बीए (तृतीय वर्ष)
