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स्थानीय पुलिस ने खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर मो. अहद (22) को रविवार की रात गिरफ्तार किया। वह पाकिस्तानी गैंगस्टर के संपर्क में था और देश में किसी बम धमाके की साजिश रच रहा था। मो. अहद मुसापुर गांव का रहने वाला है। उसके मोबाइल से देश विरोधी गतिविधियों और पाकिस्तानी आतंकियों के साथ गहरी साठगांठ के सबूत मिले। वह भारत विरोधी, जिहादी और हिंदू-मुस्लिम एकता को बिगाड़ने वाली कट्टरपंथी सामग्री भी लगातार शेयर कर रहा था। पुलिस को रविवार को सूचना मिली कि मो. अहद सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर राणा हुनैन उर्फ राणा हुसैन से लगातार बातचीत कर रहा है। राणा पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का मुख्य गुर्गा है। इसके बाद एसपी के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इसमें आईबी, एटीएस और एसटीएफ की टीम शामिल थी। एसडीपीओ, सदर-2 सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि जांच में यह खुलासा हुआ है कि वह पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था और भारत में बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। जानिए… कैसे दबोचा गया मो. अहद
टीम ने मुसापुर चौक पहुंचकर सारी जानकारी जुटाई, जिसके बाद कोढ़ा अस्पताल के सामने सड़क पर घूम रहे मो. अहद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जब उसके मोबाइल की जांच की। उसमें देश विरोधी गतिविधियों के सबूत मिले। मो. अहद न केवल पाकिस्तानी हैंडलर के हर निर्देश का पालन कर रहा था, बल्कि वह देश के कई संवेदनशील स्थानों की रेकी कर वहां की लोकेशन और अन्य महत्वपूर्ण इनपुट डिजिटल माध्यम से सीधे पाकिस्तान भेज रहा था। मुंगेर के सद्दाम से भी है कनेक्शन
पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि राणा हुनैन लगातार मो. अहद को अपने गिरोह में पूरी तरह शामिल होने और भारत में आतंकी घटनाओं के लिए हथियार व अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने का भारी प्रलोभन दे रहा था। इस खौफनाक साजिश में वह अकेला नहीं था, बल्कि मुंगेर जिले के तारापुर इलाके का रहने वाला मो. सद्दाम भी उसके साथ जुड़ा हुआ था। सद्दाम भी राणा के नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था। सद्दाम स्लीपर सेल तैयार कर रहा था
मो. अहद देश में पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क को और अधिक विस्तार देने तथा स्थानीय युवाओं का तेजी से ब्रेनवाश करने का काम कर रहा था। इसके लिए उसने पाकिस्तान द्वारा संचालित एक बेहद कट्टरपंथी व्हाट्सएप चैनल का लिंक कटिहार और पूर्णिया के रहने वाले अपने दो दोस्तों को शेयर किया था। मो. अहद का मुख्य मकसद पूरे देश में हिंसक जिहाद, भड़काऊ और द्वेषपूर्ण विचारधारा को फैलाकर एक नया और खतरनाक स्लीपर सेल तैयार करना था।

