
मुख्य बातें
- आंकड़ा सार्वजनिक करने की आम जनता की आशंका पर योजना व विकास विभाग ने स्थिति की स्पष्ट
- इसी सर्वेक्षण के आधार पर जरूरतमंदों के लिए बनेंगी योजनाएं, लोगों की स्थिति का होगा आकलन
गोपनीय रखी जायेगी हर एक जानकारी
आम जनता के मन में उपज रही आशंका को योजना व विकास विभाग ने साफ कर दिया है. विभाग ने कहा है कि सर्वेक्षण में दी जाने वाली हर एक जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जायेगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के दौरान लोग बिना किसी डर या झिझक के अपनी सही स्थिति बता सकते हैं.
योजनाओं की होगी समीक्षा
टैक्स या कानूनी कार्रवाई का डर नहीं लोग अक्सर डरते हैं कि कमाई बताने पर टैक्स विभाग या अन्य जांच एजेंसियां इसका इस्तेमाल करेंगी. लेकिन विभाग ने साफ किया है कि इन आंकड़ों का उपयोग कभी भी व्यक्तिगत कर आकलन या किसी कानूनी कार्रवाई के लिए नहीं किया जा सकता. इन आंकड़ों का इस्तेमाल सिर्फ एक बड़े समूह के रूप में सांख्यिकीय विश्लेषण के लिए होता है, जिससे सरकार यह समझ सके कि आम जनता की आर्थिक स्थिति कैसी है और विकास योजनाओं में कहां सुधार की जरूरत है.
सभी आय के स्रोतों की ली जायेगी जानकारी
यह सर्वेक्षण मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटा हुआ है कृषि परिवार स्थिति आकलन सर्वेक्षण (एसएसएस) इसमें ग्रामीण और किसान परिवारों से जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं. कृषि, बागवानी, पशुपालन और अन्य स्रोतों से होने वाली आय और उस पर होने वाला खर्च की जानकारी ली जा रही है.
पता चलेगा परिवारों की आर्थिक सेहत
अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण इसके जरिए परिवारों की आर्थिक सेहत का जायजा लिया जा रहा है. घर, जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियाें के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है बैंक, महाजन या अन्य जगहों से लिए गए कर्ज (ऋणग्रस्तता) की स्थिति जानी जा रही है.
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याेजना बनाने का आधार बनेगा सर्वेक्षण
रीबों के लिए योजनाएं, किसानों के लिए सहायता, रोजगार के अवसर और वित्तीय नीतियां इन्हीं सर्वेक्षणों से मिलने वाले सटीक आंकड़ों के आधार पर बनायी जाती हैं. अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि जब सरकारी प्रगणक (सर्वेक्षक) आपके घर आएं, तो उनका परिचय पत्र देखने के बाद उन्हें सही और पूरी जानकारी दें.
