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सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड अंतर्गत मालसाड़ा गाँव के किसान किरण मिंज ने अपनी मेहनत से सरकारी योजना का सही उपयोग किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है। किरण मिंज अनुसूचित जनजाति परिवार से हैं। उनके परिवार में कुल पाँच सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि उनकी आजीविका का मुख्य सहारा कृषि ही था। बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च, रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं था। ऐसे में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ने किरण के परिवार को नया अवसर दिया। उनके नाम से आम बागवानी योजना 29 मई 2021 को स्वीकृत हुई। कुल ₹3,71,591 की लागत से आम बागवानी की परिसंपत्ति तैयार की गई। कार्य 30 जनवरी 2026 को पूरा हुआ। इस दौरान 992 मानव-दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ। बागवानी के साथ परिवार ने केवल फल उत्पादन पर निर्भर रहने के बजाय मिश्रित खेती का मॉडल अपनाया। आम के पौधों के बीच अरहर, मक्का, मौसमी सब्जियां, भिंडी, लौकी, टमाटर उगाए गए। इससे जमीन का बेहतर उपयोग हुआ। परिवार को अलग-अलग फसलों से आय का अवसर मिला। मनरेगा के तहत सिंचाई के लिए कुएँ जैसी सुविधा भी उपलब्ध हुई। इससे मिश्रित खेती को मजबूती मिली। धीरे-धीरे यह आजीविका का मजबूत आधार बन गई। वार्षिक आय ₹12,000 हो गई। सिंचित भूमि का क्षेत्रफल शून्य से बढ़कर एक एकड़ हो गया। कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई। परिवार के पास दो पशु भी हैं। किरण ने योजना से लाभ मिलने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उपायुक्त, जिले और प्रखंड के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत कर्मियों के प्रति आभार जताया है।
