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निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए बुधवार को दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी हुई। समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में डीडीसी संजय कुमार भगत की अध्यक्षता में लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। इसमें 224 पात्र आवेदनों में से 35 निजी स्कूलों की 183 उपलब्ध सीटों के लिए चयन किया गया। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 89 बच्चों का चयन हुआ। चयनित बच्चों का संबंधित स्कूलों में एक सप्ताह के भीतर नि:शुल्क नामांकन कराया जाएगा। इन बच्चों को कक्षा आठवीं तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी। लॉटरी के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, सहायक जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी रीमा कुजूर समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के दोनों चरणों में अब तक कुल 722 सीटों पर नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है। अब भी 425 सीटें रह गईं खाली शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत जिले के 116 निजी स्कूलों की 1147 आरक्षित सीटों पर नामांकन प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण में 555 बच्चों का नामांकन हुआ था। कुछ आवेदन स्कूल के लॉगिन में वापस भेजे गए थे। पहले चरण के बाद 592 सीटें खाली रह गई थीं। इन्हीं रिक्त सीटों के लिए दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी कराई गई। दूसरे चरण के बाद अब कुल 722 सीटों पर नामांकन सुनिश्चित हो चुका है। इसके बावजूद जिले के निजी स्कूलों में आरटीई की 425 सीटें अभी भी खाली हैं। पिछले साल भी आरटीई के तहत 1217 आरक्षित सीटें थीं। इनमें मात्र 672 बच्चों का ही नामांकन हो सका था। यानी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई थीं।
